नई दिल्‍ली, जागरण संवाददाता। वक्त के साथ कारोबार की रणनीति में बदलाव करना जरूरी होता है। तभी कामयाबी की मंजिल तक पहुंचा जा सकता है। दिलशाद गार्डन स्थित सागर मोटर्स के एमडी वरुण सागर ने कारोबार के पैटर्न में मामूली बदलाव कर कोरोना संकट काल में आगे बढ़ने की नई राह तलाश ली। जब कोरोना के डर से ग्राहक कार खरीदने शोरूम तक नहीं आ रहे थे, तो सागर मोटर्स ने इसके नए उपाय ढूंढे। इसका नतीजा ये है कि कोरोना काल में भी कारोबार आगे बढ़ता रहा। 

2016 में शुरू की अपनी पहली डीलरशिप

वरुण सागर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की है। मार्च 2016 में उन्होंने टाटा मोटर्स की कारों की पहली डीलरशिप लेकर नोएडा में शोरूम खोला था। पहले माह सात कारें बिकी थीं। ग्राहकों को बेहतर सर्विस देकर उनका भरोसा जीता, जिसकी वजह से हर महीने बिक्री का नया रिकॉर्ड बनता चला गया। यहां के बाद ग्रेटर नोएडा और फिर साहिबाबाद में शोरूम के साथ वर्कशॉप खोली। धीरे-धीरे इतने ग्राहक जुड़ते चले गए कि देश में वह टाटा कारों के सबसे बेस्ट डीलर हो गए। इसके लिए टाटा मोटर्स पिछले तीन वर्षों से उन्हें बेस्ट डीलर अवॉर्ड से नवाज रही है। इस वर्ष जनवरी में उन्होंने दिलशाद गार्डन में शोरूम खोल कर दिल्ली की सीमा में कदम रखा है। आइए, जानते हैं कि कोरोना के समय जब कारोबारी हालात बिगड़े तो उन्होंने क्या उपाय अपनाए।

समाधान 1: ऑनलाइन माध्यमों से ग्राहकों तक बनाई पहुंच

मार्च में कोरोना संक्रमण फैलने की वजह से लॉकडाउन लग गया। लॉकडाउन लगने पर उन्होंने काफी धैर्य से काम लिया। जब लॉकडाउन में ढील मिलने पर शोरूम खोला, तो ग्राहक नहीं आ रहे थे। फिर ग्राहकों तक पहुंच बनाने के लिए नई रणनीति बनानी पड़ी। सागर मोटर्स की डिजिटल टीम ऑनलाइन माध्यम से ग्राहकों तक पहुंची। फेसबुक समेत अन्य ऑनलाइन प्लेटफार्म पर कैंपेन चलाए। 

(दिलशाद गार्डन स्थित सागर मोटर्स के एमडी वरुण सागर)

समाधान 2: जो शोरूम पर नहीं आए उन्हें घर पर दी सर्विस

ऑनलाइन एक्टिविटी बढ़ाने के बाद भी कई ग्राहक ऐसे थे, जो शोरूम पर नहीं आना चाहते थे। ऐसे ग्राहकों को होम टेस्ट ड्राइव और होम डिलीवरी का विकल्प दिया गया। होम टेस्ट ड्राइव के लिए अलग कारें उतारनी पड़ीं। घर पर जाकर ही नई कार की डिलीवरी दी। इसका नतीजा यह रहा कि कारों की बिक्री बढ़ती चली गई। 

समाधान 3: कर्मचारियों का भी रखा खास ख्याल

ग्राहकों को उनके मनमुताबिक सर्विस देने के साथ कारोबार को आगे बढ़ाने में कर्मचारियों की भूमिका अहम होती है। खासतौर पर मुश्किल वक्त में उनके साथ मजबूत बॉन्डिंग होना जरूरी है। कोरोना संक्रमण काल में वह कर्मचारियों के प्रति पूरी तरह से ईमानदार रहे। उनको समय से वेतन दिया। उनकी सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा गया। यही वजह रही कि कर्मचारियों ने तन-मन से काम कर मुश्किल वक्त में बिक्री को बढ़ाने के प्रयास किए। कई बेहतर सुझाव भी उनसे मिले। 

समाधान 4: विस्तार की योजनाओं पर नहीं लगाया ब्रेक

कोरोना काल में पटपड़गंज में नया शोरूम खोल कर सागर मोटर्स को विस्तार देने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। चार शोरूमों में 400 से ज्यादा कर्मचारी इस वक्त काम कर रहे हैं। पटपड़गंज के नए शोरूम में भी 50 युवाओं को रोजगार मिलेगा।  

कारोबार के साथ खुद का जुड़ाव अहम

वरुण सागर बताते हैं कि वह अपने शोरूमों के साथ बच्चे की तरह लगाव करते हैं। सप्ताह के सातों दिन वह किसी न किसी शोरूम पर जाकर खुद गतिविधियों को देखते हैं। वह मानते हैं कि खुद का जुड़ाव अहम है। तभी मालूम रहेगा कि कारोबार में किस तरह की दिक्कत आ रही है। कर्मचारियों को होने वाली परेशानियों का अंदाजा भी तभी हो सकता है, जब उनसे परस्पर संबंध स्थापित किया जा सकें।