मुंबई, जेएनएन। मुंबई में बेस्ट की हड़ताल से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मुंबई के एक कोने से दूसरे कोने को जोड़कर रखने वाली बेस्ट बसें आज पांचवें दिन भी हड़ताल पर हैं। ऐसे में लोगों को निजी बस ऑपरेटरों और ऑटो-टैक्सी सेवा पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। 

शुक्रवार को तकरीबन 300 स्कूली बसें, निजी बसें और महाराष्ट्र स्टेट ट्रांसपोर्ट की बसों से लोगों ने सफर किया। शुक्रवार को ही परिवहन मंत्रालय में निजी और स्कूली बस ऑपरेटरों की बैठक में अतिरिक्त बसें चलाने का निर्णय लिया गया। शनिवार को लोगों की सुविधाओं के लिए 1500 बसें चलायी जाएंगी जिसमें निजी बस ऑपरेटरों के अलावा लग्जरी बस ऑपरेटरों द्वारा भी सेवाएं दी जाएंगी। 

गौरतलब है कि कुल 30500 कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं। बेस्ट कर्मचारियों की इस हड़ताल को औद्योगिक न्यायालय ने अवैध बताया है। दो हजार करोड़ के कर्ज में डूबी बेस्ट को बीएमसी ने अब बेस्ट को पैसे देने से इंकार कर दिया है। जिसकी वजह से बेस्ट कर्मचारियों के वेतन पर संकट आ गया है। सोमवार को हुई बेस्ट और बीएमसी की बैठक में कोई निष्कर्ष न निकलते देख मंगलवार से बेस्‍ट कर्मचारी हड़ताल पर हैं।

बेस्ट वर्कर्स यूनियन के महासचिव शशांक राव ने कहा कि हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है इसीलिए यह हड़ताल हमने जारी रखने का फैसला किया है। हड़ताली कर्मचारी 2016 में खत्म हुए कांट्रेक्ट को बढ़ाने, प्राइवेट बसों को किराए पर लेने पर रोक और ग्रेच्युटी सहित वेतन संबंधित दूसरी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं।    

Posted By: Babita