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महाराष्ट्र: पुणे के पूर्व वैज्ञानिक को हाफ मैराथन के दौरान आया कार्डियक अरेस्ट, अस्पताल में तोड़ा दम

Published: Mon, 07 Sep 2026 09:25 PM (GMT+05:30)

महाराष्ट्र के सतारा जिले में हाफ मैराथन में दौड़ते समय 65 वर्षीय सेवानिवृत्त वैज्ञानिक संजय कदम का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।

पूर्व वैज्ञानिक की सतारा हाफ मैराथन के दौरान मौत

 पूर्व वैज्ञानिक की सतारा हाफ मैराथन के दौरान मौत

HighLights

  1. सतारा हाफ मैराथन में सेवानिवृत्त वैज्ञानिक संजय कदम का निधन।

  2. दौड़ते समय दिल का दौरा पड़ने से हुई दुखद मौत।

  3. अस्पताल में इलाज के बावजूद जान नहीं बचाई जा सकी।

डिजिटल डेस्क, पुणे। महाराष्ट्र के सतारा जिले में हाफ मैराथन में दौड़ लगाने के दौरान दिल का दौरा पड़ने से एक सेवानिवृत्त वैज्ञानिक की मौत हो गई।

65 वर्षीय संजय कदम एक सेवानिवृत्त वैज्ञानिक थे जिन्होंने सेंटर फार डेवलपमेंट आफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डीएसी) के साथ काम किया था। इसी संस्थान ने वर्ष 1991 में परम सुपर कंप्यूटर बनाया था। रविवार को सुबह जब संजय कदम पहली बार इस दौड़ में भाग ले रहे थे।

21.1 किमी की इस हाफ मैराथन में वह 17 किमी दौड़ चुके थे लेकिन 9:30 से 10 बजे के बीच पावरहाउस क्षेत्र के पास दौड़ते समय वह असहज महसूस करने लगे और उनके सीने में दर्द होने लगा।

हाफ मैराथन के आयोजकों ने सोमवार को बताया कि दरअसल रविवार को आयोजित सतारा हिल हाफ मैराथन, जिसे पश्चिमी घाटों में इसकी तीव्र चढ़ाई और तेज ढलान के कारण देश की सबसे कठिन मैराथनों में से एक माना जाता है। इसमें 7,700 धावकों ने 21.1 किमी की दूरी पूरी की।

कार्यक्रम के अध्यक्ष उपेंद्र पंडित ने कहा, साथी धावकों, जिनमें मिराज के कार्डियोलाजिस्ट रियाज मुजावर भी शामिल थे, ने तुरंत उन्हें कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) दिया। मार्ग पर तैनात एक कार्डियक एंबुलेंस भी मौके पर पहुंच गई और चिकित्सा कर्मियों ने उन्हें पल्स अस्पताल ले जाने से पहले आपातकालीन उपचार दिया।

अस्पताल में डाक्टरों ने एंजियोग्राफी की और पाया कि कदम की प्रमुख धमनियों में पूरी तरह से रुकावट थी। इसके बाद एंजियोप्लास्टी की गई और एक स्टेंट डाला गया, जिसके बाद उन्हें पुनर्जीवित किया गया और स्थिर किया गया।

हालांकि, लगभग चार घंटे बाद उन्हें एक और बड़ा कार्डियक अरेस्ट (हृदयगति रुकने) आने से उनकी मौत हो गई।

आयोजकों के अनुसार, प्रतिभागियों के चिकित्सा विवरण पंजीकरण के दौरान एकत्र किए जाते हैं और इस वर्ष हर पंजीकृत धावक को आपातकालीन सहायता के लिए प्रासंगिक जानकारी के साथ एक चिकित्सा पहचान टैग प्रदान किया गया था। लगभग 80 प्रतिशत प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा टैग पहने थे।

बाइक एंबुलेंस और एक कार्डियक एंबुलेंस समेत मार्ग के साथ चिकित्सा टीमों का एक नेटवर्क तैनात किया गया था।

तीन से चार प्रतिभागियों को जिन्होंने गंभीर मांसपेशियों में ऐंठन या अन्य चिकित्सा समस्याओं का अनुभव किया, तुरंत सहायता प्रदान की गई।