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पुणे में गुरुवार को पानी सप्लाई रहेगी बंद, संकट गहराने के बीच नई पाबंदियां लागू

Published: Tue, 13 Oct 2026 04:58 PM (IST)

महाराष्ट्र के कई हिस्सों, खासकर पुणे, नागपुर और मराठवाड़ा में पानी की किल्लत बढ़ रही है। पुणे में 15 अक्टूबर से हर गुरुवार पानी की सप्लाई बंद रहेगी।

पुणे में गुरुवार को पानी सप्लाई रहेगी बंद। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पुणे में गुरुवार को पानी सप्लाई रहेगी बंद। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. पुणे में 15 अक्टूबर से हर गुरुवार पानी बंद रहेगा।

  2. पानी की बर्बादी पर 5000 रुपये जुर्माना, चोरी पर FIR।

  3. कमजोर मानसून और अल नीनो से महाराष्ट्र में हालात गंभीर।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों में पानी की किल्लत बढ़ने लगी है। अक्टूबर के शुरुआत से ही समस्या के गहराने और कमजोर मानसून से चिंता बढ़ने लगी है।

वहीं राज्य सरकार इसको लेकर एक्शन में है। सरकार पानी की किल्लत को खत्म करने के उपाय पर काम करना शुरू कर चुकी है। पुणे नगर निगम के आदेश से पूरे शहर में 15 अक्टूबर से हर गुरुवार को पानी के सप्लाई को बंद किया जाएगा।

बन रहे वाटर कर्फ्यू जैसे हालात

सरकार के कदम से एक तरह से 'वाटर कर्फ्यू' जैसे हालत बन रहे हैं। नागपुर से पुणे और छत्रपति संभाजीनगर तक के शहरों में पानी की बर्बादी करते हुए पकड़े जाने पर तगड़ा जुर्माना लगेगा।

वहीं पानी चोरी करने वालों के खिलाफ और सख्त कदम उठाया जाएगा और उन पर एफआईआर होगी। कमजोर मानसून और अल नीनो ने महाराष्ट्र में हालात गंभीर बना दिए हैं। सरकार सख्त कदम उठा कर पानी की कमी को पूरा करना चाह रही है वहीं लोगों के बीच यह रोज की समस्या बन कर उभर रहा है।

क्या हैं ताजा हालात

अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में ही तापमान 38 डिग्री को पार कर चुका है। बढ़ती गर्मी से बांधों में पानी का स्तर कम हो रहा और जमीन भी सूख रही है। शहरी इलाकों में संकट गहराने का खतरा मंडरा रहा है। सरकार के निर्देशों से अभी और सख़्त कदम उठाने का अंदाजा लगाया जा रहा है।

नागपुर में बचा सिर्फ 58 फीसदी पानी

देश में अपने संतरों की फसल के लिए मशहूर नागपुर की बात की जाए तो वहां उनकी क्षमता का सिर्फ 58 फीसदी ही पानी बचा है। इस वजह से नागपुर नगर निगम ने पानी की कमी को दूर करने के लिए खपत कम करने की सलाह भी दी है।

किन कामों पर लगी पांबदियां

  • गाड़ी धोना
  • सड़कें साफ करना
  • आंगन धोना
  • निर्माण कार्य के लिए पानी का इस्तेमाल
  • पीने के पानी का बागवानी में इस्तेमाल होना

पकड़े जाने पर जुर्माने का प्रविधान

सरकार पानी की बर्बादी पर सख्त कदम उठाने जा रही है। ऐसा करते हुए पकड़े जाने पर 5000 रुपये के जुर्माने का प्रवि और एफआईआर जैसे कदम उठाए जाएंगे। पानी के मीटर से छेड़छाड़ को आपराधिक गलती माना जाएगा।

ऐसे दूर हो रही किल्लत

पानी की किल्लत को दूर करने के लिए कुछ कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें हाउसिंग सोसायटियों को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को चालू हालत में रखने के लिए निर्देश दिया गया है।

प्लांट के ट्रीट किए हुए पानी से ही बागवानी की जाएगी। नागपुर और पुणे में सरकार तो सुरक्षात्मक कदम उठा रही है वहीं मराठवाड़ा में पानी को लेकर चुनौती बनी हुई है। जलाशय और जायकवाड़ी बांध से हर दिन अनुमानित 1.649 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी वाष्पीकरण के कारण उड़ जाता है। यह लगभग 1.649 अरब लीटर के बराबर है।