पुणे: गर्लफ्रेंड से बात करने पर MPSC छात्र का अपहरण, पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में बचाया; 2 गिरफ्तार
पुणे में MPSC की तैयारी कर रहे एक छात्र का युवती से बातचीत के विवाद में अपहरण कर लिया गया। ...और पढ़ें

पुणे में MPSC अभ्यर्थी का अपहरण मामला।
HighLights
MPSC छात्र का पुणे में अपहरण, युवती से बातचीत विवाद का कारण।
पुलिस ने फिल्मी अंदाज में पीछा कर छात्र को सकुशल बचाया।
दो आरोपी रमेश बोराडे और किशोर सावंत गिरफ्तार किए गए।
डिजिटल डेस्क, पुणे। महाराष्ट्र के पुणे से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा की तैयारी कर रहे 28 वर्षीय एक एक छात्र का कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के चलते कुछ ही घंटों में छात्र को सकुशल बचा लिया गया और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पूरे मामले को ऐसे समझिए कि विश्रामबाग पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नवनाथ जगताप के मुताबिक, यह पूरी घटना एक युवती से बातचीत को लेकर उपजे विवाद की वजह से हुई। पीड़ित छात्र प्रसाद सूर्यवंशी और वह युवती दोनों ही MPSC की तैयारी कर रहे हैं।
अपहरण के पीछे की कहानी क्या?
बताया जा रहा है कि आरोपियों में से एक, जो वालचंदनगर का रहने वाला स्थानीय होटल व्यवसायी है, उसे प्रसाद का अपनी महिला मित्र से बात करना नागवार गुजरा। इसी रंजिश के चलते होटल व्यवसायी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर प्रसाद का पेरुगेट पुलिस चौकी के पास से एक काले रंग की एसयूवी गाड़ी में अपहरण कर लिया और उसे सिंहगढ़ रोड की तरफ ले गए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
गुरुवार को आधी रात के ठीक बाद करीब 12:30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को अपहरण की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और तुरंत आरोपियों की गाड़ी का पीछा करना शुरू किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सिंहगढ़ रोड पर अपहृत छात्र को सुरक्षित छुड़ा लिया और मौके से दो आरोपियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सागर पुणे के ही वालचंदनगर के रमेश बोराड़े और सोलापुर निवासी किशोर बालासाहेब सावंत के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और बाकी दो फरार आरोपियों की तलाश सरगर्मी से की जा रही है।
छात्रों की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब इसके ठीक एक दिन पहले पुणे में ही MPSC की तैयारी कर रहे एक अन्य छात्र द्वारा लगभग 2.5 लाख रुपये के कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या करने का मामला भी सामने आया था, जिससे छात्रों की सुरक्षा और मानसिक तनाव के मुद्दों पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है।
