सोशल मीडिया पर ब्लैकमेलिंग के बाद पुणे के IT कर्मचारी ने की आत्महत्या, दो लोग गिरफ्तार
पुणे में एक आईटी कर्मचारी ने फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट से ब्लैकमेलिंग और झूठे ड्रग्स केस की धमकी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली।

पुणे के एक टेक कर्मचारी ने की आत्महत्या।
HighLights
ब्लैकमेलिंग से परेशान पुणे के IT कर्मचारी ने की आत्महत्या।
फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट से 1.77 लाख रुपये ऐंठे गए।
पुलिस ने बिहार से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, रकम फ्रीज।
डिजिटल डेस्क, पुणे। महाराष्ट्र के पुणे शहर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक प्रतिष्ठित आईटी कंपनी के 22 वर्षीय युवा कर्मचारी को फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए ब्लैकमेल किया गया और झूठे ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी देकर 1.77 लाख रुपये ऐंठे गए। इस मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर युवक ने खौफनाक कदम उठाते हुए आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस ने बिहार से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बता दें कि मृतक युवक पुणे के खराड़ी इलाके में एक पेइंग गेस्ट (PG) में रहता था। बीते 1 अक्टूबर को उसने खराड़ी की 'रिवरडेल सुइट्स सोसाइटी' की 27वीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी थी। बेटे की मौत के बाद, 14 अक्टूबर को पीड़ित पिता ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
पिता ने क्या आरोप लगाए?
मामले में पिता ने आरोप लगाया कि अजय कुमार भाटिया नाम के एक व्यक्ति ने उनके बेटे को फर्जी ड्रग तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी दी थी। आरोपी लगातार फोन करके पैसे मांग रहा था और उसे भारी मानसिक प्रताड़ना दे रहा था।
ठगी और ब्लैकमेलिंग का पूरा खेल
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने महिलाओं के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बना रखे थे। इन फर्जी अकाउंट्स के जरिए आरोपियों ने पीड़ित से संपर्क किया और उसे टेलीग्राम पर चैट करने के लिए राजी किया।
इसके बाद वीडियो कॉल के दौरान एक महिला का आपत्तिजनक वीडियो दिखाया गया और उसे रिकॉर्ड कर लिया गया। इसी रिकॉर्डिंग को हथियार बनाकर आरोपी युवक को ब्लैकमेल करने लगे। डर की वजह से पीड़ित ने आरोपियों के बताए गए 5 अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.77 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए थे।
बिहार से गिरफ्तारी और रिकवरी
गौरतलब है कि खराड़ी पुलिस ने तकनीकी जांच और पैसों के लेनदेन का पीछा करते हुए 21 अक्टूबर को पटना से दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस ने आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक टैबलेट बरामद किया है, जिनकी कुल कीमत 2.22 लाख रुपये है।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को पुणे की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी गई रकम में से 1,14,498 रुपये बैंक खातों में फ्रीज भी करवा दिए हैं।
