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'छात्रों की गूंज' नहीं 'पैसों की गूंज', राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम पर भाजपा का आरोप

Published: Sat, 22 Aug 2026 08:49 PM (IST)

भाजपा ने राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' को 'पैसों की गूंज' बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। ...और पढ़ें

राहुल गांधी पर बरसे नवनाथ बन।

राहुल गांधी पर बरसे नवनाथ बन।

HighLights

  1. भाजपा ने राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम पर गंभीर आरोप लगाए।

  2. दावा: हजारों इन्फ्लुएंसर्स को करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया।

  3. भाजपा ने इसे कांग्रेस का 'पेड पॉलिटिकल प्रोग्राम' बताया।

राज्य ब्यूरो, मुंबई।  कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भाजपा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने दावा किया है कि कार्यक्रम की वीडियो क्लिप और विद्यार्थियों की प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के लिए करीब तीन से साढ़े तीन हजार इन्फ्लुएंसर्स को 30 से 35 हजार रुपए प्रति व्यक्ति देने की पेशकश की गई।

बन ने इसे ‘छात्रों की गूंज’ के बजाय ‘पैसों की गूंज’ करार दिया है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद में बन ने कथित तौर पर इन्फ्लुएंसर्स से संपर्क करने वाले शांतनु नामक व्यक्ति के वीडियो भी दिखाए। उन्होंने कहा कि वीडियो में कार्यक्रम में शामिल होने और उसकी सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के लिए भुगतान की बात सामने आती है।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बन ने आरोप लगाया कि इस एक कार्यक्रम के लिए करीब नौ से दस करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह उसका ‘पीपीपी मॉडल’ यानी ‘पेड पॉलिटिकल प्रोग्राम’ है, जिसके जरिए राहुल गांधी की राजनीतिक छवि को दोबारा स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि यदि एक कार्यक्रम पर 10 करोड़ रुपए तक खर्च हो रहे हैं तो ऐसे कई कार्यक्रमों पर कुल खर्च सैकड़ों करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।
बन ने सवाल किया कि राहुल गांधी की कथित ‘री-लॉन्चिंग’ के लिए कांग्रेस ने कुल कितना बजट तय किया है और इस धन का स्रोत क्या है।

भाजपा नेता ने यह भी कहा कि शांतनु के सोशल मीडिया प्रोफाइल में खुद को नेहरूवादी, गांधीवादी और राहुल गांधी का समर्थक बताया गया है। उनके मुताबिक, प्रोफाइल पर राहुल गांधी, नेहरू और कांग्रेस से संबंधित उल्लेख भी हैं। इसी आधार पर बन ने शांतनु के कांग्रेस से जुड़े होने का दावा किया।

राहुल से पूछे पांच सवाल

बन ने कांग्रेस और राहुल गांधी से पांच सवालों के जवाब मांगे हैं। उन्होंने पूछा कि पुणे कार्यक्रम में कथित तौर पर पैसे बांटने के पीछे कौन है ? करोड़ों रुपए की इस राशि का स्रोत क्या है ? क्या इसका कोई संबंध विदेशी फंडिंग से है ?

क्या यह पैसा कर्नाटक और केरल जैसे कांग्रेस शासित राज्यों के ठेकेदारों के लेन-देन से आया है ? इसके अलावा राहुल गांधी की ‘री-लॉन्चिंग’ के लिए कांग्रेस का कुल बजट कितना है ? भाजपा नेता ने केंद्र सरकार से पूरे मामले की गहन जांच कराने की मांग की। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी।