यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'दिवाली बोनस न देने और सैलरी काटने पर...', पुणे बस अग्निकांड में ड्राइवर का बड़ा खुलासा; जिंदा जल गए थे 4 कर्मचारी
महाराष्ट्र के पुणे में एक कंपनी के चार कर्मचारियों की बस में आग लगने से जिंदा जलकर मौत हो गई। ...और पढ़ें

HighLights
- कंपनी से नाराज बस ड्राइवर ने लगाई आग
- बस में जिंदा जलकर मर गए चार कर्मचारी
- दिवाली बोनस नहीं मिलने से नाराज था आरोपी
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र के पुणे में एक प्राइवेट कंपनी की बस में आग लग गई थी और इस हादसे में चार कर्मचारियों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। अब इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है और पुलिस ने दावा किया है कि बस चालक ने खुद गाड़ी में आग लगाई थी। पुलिस के मुताबिक, बस ड्राइवर दिवाली बोनस नहीं मिलने और सैलरी कटने से नाराज था।
कर्मचारियों से बदला लेना चाहता था बस चालक
पिंपरी चिंचवाड़ के पुलिस उपायुक्त विशाल गायकवाड़ ने मीडिया से कहा, "जांच में पता चला है कि आग कोई हादसा नहीं बल्कि साजिश का नतीजा थी।" पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी बस ड्राइवर जनार्दन हंबरदेकर हाल ही में हुई उसकी सैलरी में कटौती से कंपनी से नाराज चल रहा था और कुछ कर्मचारियों के साथ उसका विवाद भी हुआ था।
गायकवाड़ ने बताया, बस ड्राइवर बदला लेना चाहता था। हालांकि, पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिन लोगों की बस में जलकर मौत हुई है, उनसे जनार्दन का विवाद नहीं हुआ था।
केमिकल खरीदा, माचिस जलाकर लगा दी आग
बस में आग लगने की घटना बुधवार को पुणे के पास हिंजवड़ी क्षेत्र में हुई थी। जिस वक्त ये हादसा हुआ उस वक्त व्योमा ग्राफिक्स के 14 कर्मचारी बस में सवार थे। पुलिस कमिश्नर ने बताया, आरोपी ने बेंजीन केमिकल खरीदा था। उसने बस में पोंछने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक कपडा भी रखा था। फिर उसने माचिस जलाकर कपड़े में आग लगा दी थी, केमिकल की वजह से आग तैजी से फैल गई।
खुद भी झुलस गया बस चालक
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आग लगने के बाद बस चालक खुद भी झुलस गया था, लेकिन कुछ अन्य लोगों के साथ वो बस से नीचे उतरने में सफल रहा। आरोपी का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसे बाद में गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस घटना में 10 यात्री झुलस गए, जिनमें से दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। जिन कर्मचारियों की मौत हुई है, उनमें शंकर शिंदे (63), राजन चव्हाण (42), गुरुदास लोकरे (45) और सुभाष भोसले (44) के नाम शामिल हैं।
