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'फडणवीस को पोस्ट डिलीट करना पड़ा', नागपुर MLC चुनाव में जीत के बाद कांग्रेस का तंज

Published: Thu, 29 Oct 2026 11:06 AM (IST)

नागपुर ग्रेजुएट्स विधान परिषद सीट पर कांग्रेस की जीत के बाद देवेंद्र फडणवीस को अपना तंज भरा ट्वीट डिलीट करना पड़ा।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस। (फाइल फोटो।)

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस। (फाइल फोटो।)

HighLights

  1. कांग्रेस ने नागपुर ग्रेजुएट्स विधान परिषद सीट पर जीत दर्ज की।

  2. देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस पर तंज वाला अपना ट्वीट हटाया।

  3. कांग्रेस ने बैलेट पेपर चुनाव पर पीएम मोदी को जवाब दिया।

डिजिटल डेस्क, नागपुर। विधान परिषद चुनावों में नागपुर ग्रेजुएट्स निर्वाचन सीट कांग्रेस ने जीती है। पार्टी ने इसको लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तंज कसा है। 40 घंटे से ज्यादा समय तक चली गिनती के बाद आए नतीजों ने फडणवीस को अपना वह एक्स पोस्ट डिलीट करने पर मजबूर कर दिया, जो उन्होंने एक दिन पहले किया था।

उस पोस्ट में उन्होंने एमएलसी चुनावों में कोई भी सीट न जीत पाने के लिए कांग्रेस का मज़ाक उड़ाया था। बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने एक ट्वीट करके कांग्रेस का मजाक उड़ाया था कि बैलेट पेपर से चुनाव होने के बावजूद कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल पाई।

कांग्रेस ने किया पलटवार

कांग्रेस ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी और चुनौती देते हुए कहा कि सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं, साथ ही पूछा कि उनकी पार्टी ने कितनी सीटें जीती हैं।
महाराष्ट्र कांग्रेस ने एक्स पर लिखा, "ट्वीट डिलीट करके फडणवीस ने एक बार फिर सावरकर की विरासत को बचा लिया है! अभी पूरे नतीजे भी नहीं आए थे कि फडणवीस ने एक बड़ा तीर चलाने की कोशिश की लेकिन वही तीर पलटकर सीधे उनके सीने में जा लगा! आखिरकार, उन्हें अपना ट्वीट डिलीट करना ही पड़ा।"

इसमें आगे कहा गया, “मिस्टर फडणवीस, अभी से डर गए? यह तो बस ट्रेलर है! 2029 में महाराष्ट्र की जनता आप पर ऐसा राजनीतिक बम गिराएगी कि आज का यह ट्वीट भी आपको परेशान करेगा! शुभकामनाएं, मिस्टर फडणवीस! अगले झटके के लिए तैयार रहें।”

बता दें कि कांग्रेस उम्मीदवार और मौजूदा एमएलसी अभिजीत वंजारी ने नागपुर ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के सुधाकर कोहाले को 3,271 वोटों से हराया। वंजारी को 67,231 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी कोहाले को 63,960 वोट मिले।

बीजेपी को झटका

इस नतीजे से नागपुर में बीजेपी को झटका लगा है। नागपुर फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह नगर है और इन दोनों नेताओं ने कोहाले के लिए जमकर प्रचार किया था।

बैलेट पेपर पर टिप्पणी को लेकर कांग्रेस ने पीएम मोदी को दिया जवाब

कांग्रेस ने चार राज्यों में हुए विधान परिषद चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कांग्रेस की जीती हुई सीटों की संख्या पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराए गए थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "4 बड़े राज्यों उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में 28 सीटों पर एमएलसी चुनाव हुए। ये चुनाव बैलेट पेपर से कराए गए थे। अंदाजा लगाइए कि कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं?"

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि वे भविष्य के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी बैलेट पेपर का इस्तेमाल करने का वादा करें। खेड़ा ने एक्स पर लिखा, "अगर नरेंद्र मोदी को इतना भरोसा है कि चुनाव नतीजों पर ईवीएम का कोई असर नहीं पड़ता तो उन्हें सिर्फ बातों से नहीं, बल्कि अपने काम से बीजेपी की चुनावी ताकत साबित करनी चाहिए।"

उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने, कथित तौर पर अवैध रूप से हटाए गए 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम फिर से जोड़ने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञान कुमार के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की।

अन्य विपक्षी दलों ने क्या कहा?

एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने भी पोस्ट डिलीट करने को लेकर फडणवीस की आलोचना की। उन्होंने नागपुर में बीजेपी की हार की ओर इशारा किया, जहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का मुख्यालय स्थित है।

पवार ने एक्स पर लिखा, "आदरणीय देवेंद्र फडणवीस साहब, नागपुर ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र में जहां आपने खुद व्यक्तिगत रुचि ली और बागी उम्मीदवारों को अपना नाम वापस लेने के लिए मनाने के लिए घर-घर जाकर बात की, उसी नागपुर निर्वाचन क्षेत्र में जहां आरएसएस का मुख्यालय स्थित है वहां बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा।"

उन्होंने आगे लिखा, "इसका मतलब बिल्कुल साफ है... यह वाकई अफसोस की बात है कि आपको अपना ट्वीट डिलीट करना पड़ा लेकिन आपके उस डिलीट किए गए ट्वीट में सत्ता का जो भारी अहंकार झलकता है, वह बिल्कुल भी ठीक नहीं है। खैर, मैं समझ सकता हूं। शायद आप भूल गए थे कि चुनाव बैलेट के जरिए हुआ था, इसलिए हो सकता है कि आपने जल्दबाजी में ट्वीट कर दिया हो।"

एमवीए ने महाराष्ट्र की पांच सीटों में से तीन पर जीत हासिल की

विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) ने 23 अक्टूबर को हुए महाराष्ट्र विधान परिषद के पांच चुनावों में से तीन सीटें जीत लीं, जबकि बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति ने दो सीटों पर जीत दर्ज की। एनसीपी (एसपी) के उम्मीदवार हर्षदा देशमुख-जाधव और प्रतापसिंह पाटिल ने क्रमशः पुणे ग्रेजुएट्स और छत्रपति संभाजीनगर ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्रों से जीत हासिल की।

शिवसेना के उम्मीदवार किरण सरनाइक ने अमरावती टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी के उम्मीदवार कौस्तुभ गावड़े ने पुणे टीचर्स सीट जीती। नागपुर के नतीजे 40 घंटे से अधिक समय तक चली मतगणना के बाद आए। दूसरे राउंड के बाद कोहाले, वंजारी से आगे थे लेकिन किसी भी उम्मीदवार को पहली प्राथमिकता वाले वोटों से जरूरी कोटा नहीं मिल सका।

बाद के एलिमिनेशन राउंड में वरीयता वोटों के ट्रांसफर होने पर वंजारी ने अपने प्रतिद्वंद्वी को पीछे छोड़ दिया। इस नतीजे से बीजेपी को एक ऐसे निर्वाचन क्षेत्र में झटका लगा है, जिस पर पारंपरिक रूप से उसका कब्जा रहा है। गडकरी ने 1990 से 2014 तक यानी 24 वर्षों तक महाराष्ट्र विधान परिषद में नागपुर ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था।

इन नतीजों ने चुनावी प्रदर्शन और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के इस्तेमाल को लेकर भाजपा और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक बहस छेड़ दी है। जहां पीएम मोदी ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाने के लिए बैलेट पेपर से हुए चुनावों का हवाला दिया। वहीं कांग्रेस ने इन नतीजों का इस्तेमाल भविष्य के चुनावों में फिर से बैलेट पेपर के इस्तेमाल की अपनी मांग को दोहराने के लिए किया है।

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