कौन हैं IIT बॉम्बे के प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला? छात्र आत्महत्या विवाद के बाद डीन पद से हटाए गए
आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद, प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को छात्र कल्याण डीन पद से हटा ...और पढ़ें

आईआईटी बॉम्बे प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला कौन हैं?

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, मुंबई। आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद सीनियर प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला विवादों के केंद्र में आ गए हैं। परीक्षा के दौरान साहिल को नकल करते पकड़ने और पुलिस शिकायत में नाम दर्ज होने के बाद उपजे भारी छात्र विरोध के चलते उन्हें छात्र कल्याण डीन के पद से हटा दिया गया है।
एक तरफ जहां मृतक छात्र के परिजन प्रोफेसर के खिलाफ उत्पीड़न और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है, वहीं दूसरी तरफ फैकल्टी फोरम उनके समर्थन में उतर आया है और इसे केवल संस्थागत प्रोटोकॉल का पालन बताया है।
सूर्यनारायण दुल्ला कौन हैं?
सूर्यनारायण डूला करीब एक दशक से IIT बॉम्बे से जुड़े हैं। वह संस्थान के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर हैं। परीक्षा में नकल की शिकायत संस्थान के अधिकारियों तक पहुंचाने में भी उनकी भूमिका बताई जा रही है।
शैक्षणिक योग्यता और अनुभव
प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला की अकादमिक विशेषज्ञता विद्युत प्रणालियों, स्मार्ट ग्रिड, माइक्रोग्रिड, नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण, कनवर्टर नियंत्रण और ऊर्जा दक्षता के क्षेत्रों में है। उन्होंने वर्ष 2000 में नागार्जुन विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक, 2002 में आईआईटी बॉम्बे से एम.टेक और 2007 में आईआईटी दिल्ली से पावर सिस्टम्स में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।
2009 में मिला यंग फैकल्टी अवार्ड
आईआईटी बॉम्बे से जुड़ने से पहले उन्होंने बेंगलुरु में पावर रिसर्च एंड डेवलपमेंट कंसल्टेंट्स और हैदराबाद में मशीन 2 मशीन जैसी कंपनियों में काम किया था। उनके नाम कई शोध प्रकाशन दर्ज हैं और अध्यापन में उत्कृष्टता के लिए उन्हें वर्ष 2009 में यंग फैकल्टी अवार्ड, 2017 में आईआईटी बॉम्बे एक्सीलेंस इन टीचिंग अवार्ड तथा 2021 में प्रो. एस.पी. सुखात्मे एक्सीलेंस इन टीचिंग अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
आईआईटी बॉम्बे में अहम भूमिका
आईआईटी बॉम्बे में प्रोफेसर दुल्ला का योगदान केवल शिक्षण और अनुसंधान तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि उन्होंने संस्थान में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी निभाई हैं। वे हॉस्टल 6 के वार्डन रहने के अलावा छात्र कल्याण डीन के पद पर कार्यरत रहे हैं।
इसके अलावा, उन्होंने देश की प्रमुख और प्रतिष्ठित परीक्षाओं जैसे जेईई एडवांस्ड , यूसीईईडी और सीईईडी के सफल आयोजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
डीन पद से हटाया गया
छात्र साहिल वाकोडे की मौत से जुड़े हालिया विवाद के बाद, संस्थान ने 21 सितंबर को प्रोफेसर दुल्ला को छात्र कल्याण डीन के पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई छात्रों के भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद की गई है, हालांकि आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम उनके समर्थन में खड़ा है। उनका कहना है कि प्रोफेसर डूला ने सिर्फ परीक्षा में नकल रोकने से जुड़े संस्थागत नियमों का पालन किया था।
क्या है मामला?
आईआईटी बॉम्बे के अनुसार, साहिल वाकोडे को परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाया गया था और उसने उत्तर खोजने के लिए प्रश्न पत्र को एक एआई प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया था। प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला उस परीक्षा के दौरान कोर्स इंस्ट्रक्टर और परीक्षा निरीक्षकके रूप में तैनात थे। उन्होंने ही परीक्षा में नतल की जानकारी संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों को दी थी।
आईआईटी बॉम्बे के अनुसार, घटना के बाद कोर्स इंस्ट्रक्टर और विभागाध्यक्ष ने साहिल वाकोडे की काउंसलिंग की थी। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि इस घटना का उनके शैक्षणिक करियर पर कोई इफेक्ट नहीं पड़ेगा। संस्थान ने यह भी स्पष्ट किया है कि साहिल की मौत से पहले उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी।
