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माधुरी की वापसी के बाद भी जारी रहेगी उसकी देखभाल, हर 15 दिन में वंतारा के डॉक्टर करेंगे मेडिकल जांच

Published: Fri, 11 Sep 2026 05:54 PM (GMT+05:30)

माधुरी हथिनी की कोल्हापुर वापसी के बाद भी वंतारा ने उसकी सेहत और देखभाल की जिम्मेदारी जारी रखने की बात कही है।

माधुरी की वापसी के बाद भी जारी रहेगी उसकी देखभाल।

माधुरी की वापसी के बाद भी जारी रहेगी उसकी देखभाल।

HighLights

  1. माधुरी की वापसी के बाद भी वंतारा जारी रखेगा देखभाल।

  2. हर 15 दिन में वंतारा के डॉक्टर करेंगे मेडिकल जांच।

  3. पुरानी बीमारियां खत्म नहीं हुईं, नियमित निगरानी जरूरी।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। कोल्हापुर में महादेवी के नाम से जानी जाने वाली हथिनी माधुरी की वापसी के बाद भी उसकी सेहत और देखभाल को लेकर वंतारा ने अपनी जिम्मेदारी जारी रखने की बात कही है। वंतारा ने कहा है कि माधुरी का स्वास्थ्य उसकी पहली प्राथमिकता है और वह जहां भी रहेगी, उसके कल्याण, स्वास्थ्य और गरिमा को सुनिश्चित करने के लिए संस्थान प्रतिबद्ध रहेगा।

माधुरी 30 जुलाई 2025 को हाई-पावर्ड कमेटी (HPC) के निर्देशों के अनुपालन में जामनगर स्थित वंतारा पहुंची थी। वंतारा ने स्पष्ट किया कि उसने माधुरी की कस्टडी की मांग नहीं की थी, बल्कि सक्षम प्राधिकरण के निर्देश पर उसे स्वीकार किया और उसकी देखभाल की।

कोल्हापुर के लोगों की भावनाओं का सम्मान

वंतारा ने कहा कि वह कोल्हापुर में माधुरी को लेकर लोगों की गहरी भावनाओं को पूरी तरह समझता है। महाराष्ट्र सरकार, अधिकारियों, हितधारकों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों के साथ चर्चा के बाद वंतारा ने 6 अगस्त 2025 को भी स्पष्ट किया था कि वह इन भावनाओं का सम्मान करता है और सक्षम प्राधिकरण के निर्देशों का पालन करेगा।

बाद में सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों को अपनी दलीलें हाई-पावर्ड कमेटी के समक्ष रखने का निर्देश दिया। कमेटी ने सभी पक्षों को सुनने, रिपोर्ट मंगाने और नंदानी स्थित उस सुविधा का निरीक्षण करने के बाद 9 सितंबर 2026 को विस्तृत आदेश जारी किया। इसमें माधुरी को कुछ कड़ी शर्तों के साथ वापस कोल्हापुर ले जाने की अनुमति दी गई।

जुलूस या किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं होगी माधुरी

HPC के आदेश के मुताबिक माधुरी की वापसी कुछ शर्तों के अधीन है। उसे किसी भी जुलूस या अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। उसकी चौबीसों घंटे देखभाल करनी होगी और हर पखवाड़े यानी 15 दिन में उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा।

वंतारा ने कहा कि वह हाई-पावर्ड कमेटी के अधिकार और आदेश का सम्मान करता है तथा उसके सभी निर्देशों का पूरी तरह पालन करेगा।

पुरानी बीमारियां खत्म नहीं हुईं, नियमित निगरानी जरूरी

वंतारा के मुताबिक माधुरी की हालत लगातार पशु चिकित्सा देखभाल के चलते स्थिर हुई है, लेकिन उसकी पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। उसे अभी भी उचित देखभाल, सहायक उपचार और नियमित पशु चिकित्सा निगरानी की जरूरत है।

संस्थान ने कहा कि माधुरी की जिम्मेदारी उसकी वापसी के साथ खत्म नहीं होगी। वंतारा ने उसकी वापसी के लिए उपयुक्त रहने की जगह, पशु चिकित्सा ढांचा, मेडिकल उपकरण, दवाएं और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद की है।

हर 15 दिन में वंतारा के डॉक्टर करेंगे जांच

HPC के निर्देश के अनुसार वंतारा के पशु चिकित्सक हर 15 दिन में कोल्हापुर जाकर माधुरी की मेडिकल जांच करेंगे। इसके बाद जांच की रिपोर्ट सक्षम अधिकारियों को सौंपी जाएगी। वंतारा ने कहा कि इसका उद्देश्य देखभाल की निरंतरता बनाए रखना और माधुरी के कल्याण की निगरानी करना है, चाहे वह कहीं भी रखी जाए।

नंदानी की सुविधा में भी किए गए जरूरी इंतजाम

वंतारा ने बताया कि माधुरी की वापसी से पहले नंदानी स्थित बाड़े और सुविधा में भी उपलब्ध संसाधनों के भीतर बेहतर से बेहतर इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, अभी बुनियादी ढांचे में बड़े स्तर पर सुधार नहीं किया जा सका है। इसकी वजह टाउन प्लानिंग से जुड़ी बाधाएं हैं।

संस्थान के अनुसार ट्रस्ट की जमीन से होकर गुजरने वाली सड़क के कारण विकास के लिए उपलब्ध जमीन सीमित है। माधुरी के वहां रहने की व्यवस्था स्थिर होने के बाद वंतारा सुविधा को और बेहतर बनाने में मठ की मदद के लिए उपलब्ध रहेगा। यदि अदालत या सक्षम प्राधिकरण निर्देश देता है तो भी वंतारा इस उन्नयन में सहयोग करेगा।

'पशु कल्याण के लिए विज्ञान और जिम्मेदार देखभाल जरूरी'

वंतारा ने कहा कि वास्तविक पशु कल्याण केवल भावनाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसके लिए तथ्यों, पशु चिकित्सा विज्ञान, जिम्मेदार देखभाल, कानूनी प्रक्रिया के सम्मान और जीवन की सुरक्षा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता जरूरी है।

संस्थान ने सुप्रीम कोर्ट, बॉम्बे हाई कोर्ट और हाई-पावर्ड कमेटी के निर्देशों के लिए आभार जताया। साथ ही महाराष्ट्र और गुजरात सरकारों तथा उनके अधिकारियों के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। वंतारा ने माधुरी के प्रति चिंता जताने वाले कोल्हापुर के लोगों और मठ का भी आभार जताया।

वंतारा ने माधुरी की स्थिति को HPC के सामने लाने में PETA India की भूमिका को भी स्वीकार किया और कहा कि पशु कल्याण के क्षेत्र में दोनों संस्थानों के बीच लंबे समय से संबंध रहे हैं।