टाइगर श्रॉफ गोलीबारी मामला: सूरत से हथियार बरामद, सलमान खान कनेक्शन की भी हो रही जांच
टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गुजरात के सूरत से हथियार बरामद किए हैं। ...और पढ़ें

टाइगर श्रॉफ गोलीबारी मामला।
HighLights
सूरत से दो पिस्तौल और 10 जिंदा कारतूस बरामद।
सलमान खान से नजदीकी भी हमले की संभावित वजह।
पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को किया गिरफ्तार।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। अभिनेता टाइगर श्राफ की कार पर गोलीबारी के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गुजरात के सूरत से दो पिस्तौल और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। जांचकर्ताओं को संदेह है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता की कार पर गोलीबारी के दौरान किया गया था।
हथियारों को फोरेंसिक जांच और बैलिस्टिक परीक्षण के लिए भेजा गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से खरीदे गए और हमले के पीछे शामिल लोगों को किसने मदद पहुंचाई।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को सूरत में की गई कार्रवाई के दौरान हथियार बरामद किए गए। जांच टीम हमलावरों तक हथियार पहुंचाने वाले नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए एक ठिकाने तक पहुंची। मामले में अब तक राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हथियारों की आपूर्ति में कथित भूमिका के लिए दो महिलाओं को भी गिरफ्तार किया गया है।
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों में से एक ने पूछताछ के दौरान दावा किया कि टाइगर श्राफ को निशाना बनाने के पीछे सलमान खान से उनकी करीबी भी एक वजह हो सकती है। आरोपित ने कथित तौर पर बताया कि 2022 में एक फिल्म के प्रचार कार्यक्रम के दौरान टाइगर ने सलमान खान की तारीफ करते हुए उन्हें फिल्म जगत का एकमात्र 'टाइगर' बताया था।
गौरतलब है कि सलमान खान और लारेंस बिश्नोई गिरोह के बीच लंबे समय से विवाद रहा है। वर्ष 1998 में फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के दौरान काले हिरण के शिकार के आरोपों के बाद यह विवाद शुरू हुआ था। बिश्नोई समुदाय काले हिरण को पवित्र मानता है। इस मामले को लेकर सलमान खान को पहले भी धमकियां मिल चुकी हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि हमले के बाद फरार शूटर पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी खबरों पर लगातार नजर रख रहे थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उनके हैंडलर इंटरनेट आधारित वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआइपी) कॉलिंग एप के जरिये उन्हें पुलिस की गतिविधियों की जानकारी दे रहे थे। इनमें ‘सिग्नल’ और ‘जांगी’ जैसे एप का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है।
पुलिस को संदेह है कि मीडिया में हमले के वीडियो और फरार होने के रास्ते की खबरें प्रसारित होने के बाद शूटरों को अपनी लोकेशन बदलने के निर्देश दिए गए। आरोपितों ने पुलिस से बचने के लिए मोटरसाइकिल, लोकल ट्रेन, कैब और फिर ट्रेन से सफर किया। पुलिस के अनुसार, गोलीबारी के बाद आरोपितों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए थे।
हालांकि, मुंबई के बोरीवली से सूरत जाने के लिए बुक की गई निजी कैब के चालक से की गई एक सामान्य फोन काल जांचकर्ताओं के लिए अहम सुराग साबित हुई। पुलिस ने चालक से पूछताछ की तो उसने आरोपितों को सूरत रेलवे स्टेशन पर छोड़ने की जानकारी दी।
इसके बाद रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज और आरक्षण चार्ट की जांच की गई। मुंबई पुलिस से मिली सूचना के आधार पर कोटा पुलिस ने 19 अक्टूबर को ट्रेन में सवार तीन मुख्य आरोपितों फूल सिंह (18), रेहान रहीसुद्दीन अंसारी (18) और रितिक महतो (22) को पकड़ लिया। तीनों 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में हैं।
बता दें कि 18 अक्टूबर की शाम जुहू में टाइगर श्राफ की कार पर पांच से छह राउंड गोलियां चलाई गई थीं। इस दौरान अभिनेता बाल-बाल बच गए, जबकि उनके चालक और एक वीडियो ब्लॉगर को चोटें आईं। पुलिस के मुताबिक, अभिनेता ने घटना से सदमे में होने और किसी से दुश्मनी नहीं होने की बात कही है। उनका बयान अभी दर्ज नहीं किया गया है।
