'सलमान ही इंडस्ट्री के इकलौते टाइगर', ऐसी तारीफ करने के चलते टाइगर श्राफ को बनाया निशाना; आरोपी का खुलासा
लारेंस बिश्नोई गैंग ने सलमान खान की तारीफ करने पर अभिनेता टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाया था। मुंबई क्राइम ब्रांच ...और पढ़ें

सलमान की तारीफ करने पर टाइगर श्रॉफ पर जानलेवा हमले की हुई थी कोशिश (फाइल फोटो)
HighLights
सलमान की तारीफ करने पर टाइगर श्रॉफ बने निशाना।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने सूरत से हथियार किए बरामद।
हमले के पीछे लारेंस बिश्नोई गैंग का हाथ।
राज्य ब्यूरो, मुंबई । सलमान खान की तारीफ करने के कारण लारेंस बिश्नोई गैंग ने अभिनेता टाइगर श्राफ को अपना निशाना बनाया। अभिनेता पर हुए जानलेवा हमले की जांच कर रहे अधिकारियों को एक आरोपी ने यह जानकारी दी है।
सलमान खान के साथ उनकी करीबी पहले से ही चर्चा का विषय रही है, लेकिन आरोपी ने उस खास घटना के बारे में बताया, जिससे यह पूरी साजिश रची गई।
आरोपी ने अधिकारियों को बताया कि 2022 में एक फिल्म के प्रमोशन इवेंट के दौरान टाइगर श्राफ ने सलमान खान की तारीफ करते हुए कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री में 'सलमान ही इकलौते टाइगर हैं'।
संभवतः इसी के चलते गैंग ने टाइगर श्राफ को निशाना बनाया, क्योंकि इससे पहले भी लारेंस बिश्नोई गैंग ने सलमान खान के करीबी लोगों को धमकियां दी हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की है।
इस बीच टाइगर श्राफ की कार पर गोलीबारी के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सूरत से दो पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता की कार पर फायरिंग के दौरान किया गया था। हथियारों को फोरेंसिक जांच और बैलिस्टिक परीक्षण के लिए भेजा गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से खरीदे गए और हमले के पीछे शामिल लोगों को किसने मदद पहुंचाई।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को सूरत में की गई कार्रवाई के दौरान हथियार बरामद किए गए। जांच टीम हमलावरों तक हथियार पहुंचाने वाले नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए एक ठिकाने तक पहुंची।
मामले में अब तक राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हथियारों की आपूर्ति में कथित भूमिका के लिए दो महिलाओं को भी गिरफ्तार किया गया है।
गौरतलब है कि सलमान खान और लारेंस बिश्नोई गिरोह के बीच लंबे समय से विवाद रहा है। 1998 में फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के दौरान काले हिरण के शिकार के आरोपों के बाद यह विवाद शुरू हुआ था। बिश्नोई समुदाय काले हिरण को पवित्र मानता है।
इस मामले को लेकर सलमान खान को पहले भी धमकियां मिल चुकी हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि हमले के बाद फरार शूटर पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी खबरों पर लगातार नजर रख रहे थे।
शूटरों को अपनी लोकेशन बदलने के दिए गए निर्देश
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उनके हैंडलर इंटरनेट आधारित वायस ओवर इंटरनेट प्रोटोकाल (वीओआइपी) कालिंग एप के जरिये उन्हें पुलिस की गतिविधियों की जानकारी दे रहे थे। इनमें ‘सिग्नल’ और ‘जांगी’ जैसे एप का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है।
पुलिस को संदेह है कि मीडिया में हमले के वीडियो और फरार होने के रास्ते की खबरें प्रसारित होने के बाद शूटरों को अपनी लोकेशन बदलने के निर्देश दिए गए। आरोपितों ने पुलिस से बचने के लिए मोटरसाइकिल, लोकल ट्रेन, कैब और फिर ट्रेन से सफर किया।
कैब के चालक से की गई एक सामान्य फोन काल जांचकर्ताओं के लिए अहम सुराग साबित हुई
मुंबई के बोरीवली से सूरत जाने के लिए बुक की गई कैब के चालक से की गई एक सामान्य फोन काल जांचकर्ताओं के लिए अहम सुराग साबित हुई। पुलिस ने चालक से पूछताछ की तो उसने आरोपितों को सूरत रेलवे स्टेशन पर छोड़ने की जानकारी दी। इसके बाद रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज और आरक्षण चार्ट की जांच की गई।
मुंबई पुलिस से मिली सूचना के आधार पर कोटा पुलिस ने 19 अक्टूबर को ट्रेन में सवार तीन मुख्य आरोपितों फूल सिंह, रेहान रहीसुद्दीन अंसारी और रितिक महतो को पकड़ लिया। तीनों 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में हैं।
विगत 18 अक्टूबर की शाम जुहू में टाइगर श्राफ की कार पर पांच से छह राउंड गोलियां चलाई गई थीं। इस दौरान अभिनेता बाल-बाल बच गए, जबकि उनके चालक और एक वीडियो ब्लागर को चोटें आईं। अभिनेता ने घटना से सदमे में होने और किसी से दुश्मनी न होने की बात कही है। उनका बयान अभी दर्ज नहीं किया गया है।
