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'मेरी साड़ी खींचते थे, जांघों पर हाथ रखते थे', नासिक की TCS कर्मचारी ने पुलिस को सुनाई आपबीती

Published: Mon, 20 Apr 2026 02:44 PM (IST)Updated: Mon, 20 Apr 2026 04:12 PM (IST)

टीसीएस नासिक यौन उत्पीड़न मामले में पुलिस जांच से नए खुलासे हुए हैं। एक महिला कर्मचारी ने सहकर्मियों पर "प्लेयर", ...और पढ़ें

TCS नासिक धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार आरोपियों की फोटो।

TCS नासिक धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार आरोपियों की फोटो।

HighLights

  1. महिला कर्मचारी ने सहकर्मियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया

  2. "प्लेयर", "जीरो फिगर" जैसे ताने और धार्मिक टिप्पणियां की

  3. पुलिस ने नौ FIR दर्ज कर आठ आरोपी गिरफ्तार किया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। TCS नासिक यौन उत्पीड़न मामले में पुलिस की जांच में कई और अहम खुलासे किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, TCS की नासिक यूनिट में एक एसोसिएट के तौर पर काम करने वाली महिला ने दावा किया कि, उसकी शादी के बाद उसके सहकर्मी उसे "प्लेयर", "जीरो फिगर" जैसे ताने देते थे। इसके साथ ही, हिंदू देवी-देवताओं के बारे में टिप्पणियां भी करते थे।

पुलिस की माने तो, वह उन आधे दर्जन से ज्यादा महिलाओं में से एक हैं। जिन्होंने अपने पुरुष सहकर्मियों पर यौन उत्पीड़न और जबरदस्ती धर्म परिवर्तन के आरोप लगाए हैं। नासिक पुलिस की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने इस मामले में नौ FIR दर्ज करके आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर भी शामिल है।

हालांकि TCS, जो कि भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट-सेक्टर की एम्प्लॉयर है, उसने साफ किया है कि उत्पीड़न और किसी भी तरह की जबरदस्ती के मामले में उसकी ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी है, और नासिक ऑफिस में यौन उत्पीड़न में कथित तौर पर शामिल कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

कंपनी ने कहा-शुरुआती जांच में नहीं मिली कोई शिकायत

शुक्रवार को कंपनी ने कहा कि रिकॉर्ड की शुरुआती जांच से पता चला है कि उसे "इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है, जैसा कि हमारे एथिक्स या POSH (यौन उत्पीड़न की रोकथाम) चैनलों पर आरोप लगाया जा रहा है।" महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि, यह मामला गंभीर चिंता का विषय है क्योंकि यह "कॉर्पोरेट जिहाद" की ओर इशारा करता है।

वहीं, पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह नासिक में अपने ससुराल वालों के साथ रहती है क्योंकि उसके पति पुणे में काम करते हैं। 20 जून, 2025 से, मतलब महिला अपनी शादी के बाद से, TCS की नासिक ब्रांच में एसोसिएट के तौर पर काम कर रही थी। उसकी तीन महीने की ट्रेनिंग 24 जून, 2025 को शुरू हुई। उसके ट्रेनिंग लीडर शाहरुख कुरैशी और जयेश गुंजल थे। जैसा की उसने पुलिस को बताया।

ट्रेनिंग के दौरान, पीड़िता ने दावा किया कि एक व्यक्ति, रजा मेनन, जो लोन्स ब्रांच का टीम लीड था और जिसका ट्रेनिंग से कोई लेना-देना नहीं था। वह बार-बार ट्रेनिंग रूम में उसके पास आता था और उसकी निजी जिंदगी के बारे में पूछता था। पीड़िता ने पुलिस को आगे कहा, "वह कहता था तुम्हारे पति दूर रहते हैं, तो तुम सब कुछ कैसे संभालती हो? क्या तुम्हें डर नहीं लगता? अगर तुम्हें कभी भी किसी भी चीज की जरूरत हो, तो प्लीज मुझे बताना, मैं किसी भी समय तुम्हारी मदद के लिए हाजिर रहूंगा।"

महिला का दावा रजा ने दिया था प्लेयर नाम

पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया, "रजा ने मेरा निकनेम 'प्लेयर' रख दिया था। जब भी मैं ऑफिस आती थी, तो वह मुझे सिर्फ 'प्लेयर' कहकर ही बुलाता था। अगर मुझे अपने काम में कोई दिक्कत आती थी और मैं शाहरुख को बताती थी, तो वह रजा को बुला लेता था। फिर रजा आता और कहता, 'क्या चल रहा है, प्लेयर? काम नहीं संभल रहा? अगर तुम्हें कोई दिक्कत हो रही है, तो बस मुझे बता देना।'"

उसने आगे कहा कि, "इस साल मार्च में गुड़ी पड़वा के दिन, रजा ने उसकी साड़ी खींची थी। पीड़िता ने दावा किया, "मैं साड़ी पहनकर आई थी। जब मैं लॉबी से गुजर रही थी, ठीक पैंट्री के सामने, मुझे लगा कि किसी ने मेरे पल्लू खींचा है। जब मैंने पीछे मुड़कर देखा, तो पाया कि मेरा पल्लू रजा के हाथ में था। मैंने तुरंत अपना पल्लू झटककर वापस खींच लिया, जिस पर उसने मुझे गंदी नजर से देखा और मुस्कुराया।"

वहीं, इन आरोपों के बीच न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए। रजा के चाचा अयाज काजी ने कहा कि, यह मामला एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। जिसे रजा के बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से रचा गया है। मालूम हो कि, रजा इस मामले में गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में से एक हैं, जो अभी पुलिस हिरासत में हैं।

दूसरी टीम का कर्मी भी करता था परेशान

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि, अपनी ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वह रेगुलर ड्यूटी पर जाने लगी। उस समय उसकी टीम में 27 लोग थे और अतुल पांडे उसका टीम लीड था। इस दौरान, आसिफ अंसारी, जो दूसरी टीम का एक कर्मचारी था, बार-बार उसके पास आकर बैठ जाता था। भले ही वहां कोई खाली सीट नही होती थी।

इसके बाद, वह जान-बूझकर उसका हाथ पकड़ता साथ ही शरीर के अन्य जगहों को छूने की कोशिश करता, और कभी-कभी गंदे-गंदे कमेंट करता था। एक बार उसने बोला, 'तुम्हारा तो ज़ीरो फिगर है।' कई बार मना करने के बाद भी, यह उत्पीड़न यहीं नहीं रुका। इसके बाद यह ऑनलाइन शुरू हो गया, जब उसने इंस्टाग्राम पर उसे फॉलो करना शुरू कर दिया। उसने वहां उसे ब्लॉक कर दिया था।

इसके जवाब में, उसने पूछा, 'मैं तुमसे संपर्क कैसे करूं?' तब मैंने उससे कहा, तुम्हें जो कुछ भी कहना है, ऑफिस में कहो।' इसके बाद, उसने लिंक्डइन पर मैसेज किया, लेकिन वहां भी उसे नजर अंदाज कर दिया। इसके अलावा पीड़िता ने दावा किया कि, आसिफ ने हिंदू देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की। महिला ने बताया कि जब उसने इस पर आपत्ति जताई, तो उसने उसे काम पर इसका बुरा नतीजा होने की धमकी दी।

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