राज्य ब्यूरो, मुंबई। नवी मुंबई एवं ठाणे में मंगलवार को शिवसेना के मुखपत्र सामना के कार्यालय पर मराठा आंदोलनकारियों ने पथराव किया और स्याही फेंकी। माना जा रहा है कि मराठा आंदोलन पर सामना में व्यंग्य चित्र छापने की प्रतिक्रिया में आंदोलनकारियों ने यह कदम उठाया है।

सामना में सोमवार को एक व्यंग्य चित्र (कार्टून) प्रकाशित किया गया था। मराठा समुदाय द्वारा निकाले जा रहे मौन प्रदर्शन पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की गई थी। आज नवी मुंबई के सानपाड़ा इलाके में स्थित सामना के कार्यालय पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा पथराव किया गया। पथराव से कार्यालय की कांच को नुकसान पहुंचा है। दूसरी ओर ठाणे में सामना के ही दूसरे कार्यालय के दरवाजे पर स्याही फेंकी गई। दोनों स्थानों पर पुलिस ने अलग-अलग मामले दर्ज कर लिए हैं।

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नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त ने कहा कि दोषियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद उनपर उचित कार्रवाई की जाएगी। ठाणे में भी स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर दोषियों की तलाश शुरू कर दी है। यह पहला मौका है जब मुंबई के आसपास शिवसेना के किसी संस्थान पर पथराव हुआ है।

सामना ने मंगलवार के संस्करण में कार्टून पर अपनी स्थिति साफ की है। सामना ने कहा है कि कार्टून छापने का उद्देश्य किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था।

सांगली में शांतिपूर्ण रहा मराठा मार्च

सांगली। महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में जारी आंदोलन के क्रम में यहां मराठा समुदाय का मौन मार्च शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। मराठा समुदाय शिक्षण संस्थानों और सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। समुदाय कोपार्डी दुष्कर्म के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग कर रहा है।

आयोजकों के अनुसार, सभी तबके से करीब सात से नौ लाख लोग मार्च में हिस्सा लेने पहुंचे थे। 'मराठा क्रांति मूक मोर्चा' के बैनर तले लोगों ने मौन जुलूस निकाला। भाजपा सांसद संजयकाका पाटिल, पार्टी के विधायक सुधीर गाडगिल, कांग्रेस नेता पतंगराव कदम, राकांपा नेता जयंतराव पाटिल एवं अन्य कई प्रमुख राजीतिक नेताओं ने मार्च में हिस्सा लिया।

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Posted By: Bhupendra Singh