मुंबई, एएनआइ। महाराष्ट्र में पिछले पांच माह में कुल 1076 किसानों ने आत्महत्या की है। राज्य आपदा प्रबंधन व पुनर्वास मंत्री विजय वडेट्टीवार ने शुक्रवार को लिखित उत्तर में महाराष्ट्र विधानसभा को यह जानकारी दी। लिखित जवाब में वडेट्टीवार ने कहा कि जून से अक्टूबर, 2021 तक राज्य में 1076 किसानों ने आत्महत्या की है। इनमें से 491 मृतक किसानों के परिवार राज्य सरकार से वित्तीय सहायता के लिए पात्र पाए गए। मंत्री ने कहा कि मृत किसानों के कुल 213 परिवार वित्तीय सहायता के लिए पात्र नहीं थे, जबकि 372 मामले अभी भी जिला स्तरीय जांच समिति के समक्ष लंबित हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 491 पात्र लाभार्थियों में से कुल 482 परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

सहायता राशि दी

उन्होंने परिवारों को दी जाने वाली सहायता राशि की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक लाभार्थी को एक लाख रुपये दिए जाते हैं। वडेट्टीवार ने कहा कि पिछले पांच महीनों के दौरान यहां हर दिन औसतन सात किसानों ने आत्महत्या की है। गौरतलब है कि ये बयान तब आया, जब महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्यों ने राज्य में किसानों द्वारा आत्महत्या की संख्या पर सवाल उठाया और क्या उनके परिवारों को अब तक वित्तीय सहायता दी गई थी। वर्ष 2006 की महाराष्ट्र सरकार की नीति के अनुसार, तीन श्रेणियां हैं जिनके तहत मृतक किसानों के परिवारों को वित्तीय सहायता मिलती है। नीति में कहा गया कि अगर किसान फसल खराब होने, कर्ज न चुकाने और बार-बार कर्ज चुकाने के लिए जोर देने के कारण आत्महत्या करते हैं, तो उनके परिवारों को राज्य सरकार से वित्तीय सहायता मिलेगी।

इससे पहले जनवरी, 2016 में करीब 15 फरवरी 2016 तक महाराष्ट्र में 124 किसानों ने आत्महत्या की थी। राज्य सरकार ने यह जानकारी बांबे हाई कोर्ट में दी थी। सरकारी वकील ने डिविजन बेंच को बताया कि इसमें से 20 आत्महत्याएं उस्मानाबाद में ही हुई हैं। हाई कोर्ट ने किसानों की आत्महत्या की घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि किसानों को आत्महत्या से बचाने के लिए युद्ध स्तर पर काम करने की जरूरत है। इससे पहले ही सरकार ने जानकारी दी थी कि जनवरी 2016 में 80 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। इसके बाद राज्य सरकार ने बताया था कि पिछले 45 दिनों में 124 किसान आत्महत्या कर चुके हैं।

Edited By: Sachin Kumar Mishra