विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मुंबई के अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर ने किया सुसाइड, वर्क लोड को लेकर की थी शिकायत

Published: Mon, 12 Oct 2026 10:18 AM (IST)

मुंबई के सायन अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. शिवशरण पाटिल अपने हॉस्टल के बाथरूम में मृत पाए गए। उन्होंने पहले ...और पढ़ें

मुंबई के अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर ने किया सुसाइड (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

मुंबई के अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर ने किया सुसाइड (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई स्थित बीएमसी के सायन अस्पताल में सर्जरी रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. शिवशरण पाटिल का शव शनिवार शाम हॉस्टल के बाथरूम में मिला। डॉ. शिवशरण पाटिल इससे पहले काम के अत्यधिक बोझ को लेकर शिकायत की थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने अभी तक सायन अस्पताल को सुसाइड मिलने की सूचना नहीं दी है। इस बीच, अस्पताल प्रबंधन ने मृतक डॉक्टर के परिवार से संपर्क कर लिया है और पोस्टमार्टम के बाद उनका शव परिवार को सौंप दिया जाएगा।

बाथरूम में मिला शव

अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, डॉक्टर ने हाल ही में वर्क लोड को लेकर शिकायत की थी। जिसके बाद प्रथम वर्ष के रेजिडेंट डॉक्टर शिवशरण पाटिल शनिवार शाम करीब 7.30 बजे अपने छात्रावास के बाथरूम में आत्महत्या करके मृत पाए गए। डॉ. पाटिल के पास एक इंजेक्शन लगाने वाला चिकित्सीय उपकरण मिला है।

कहां का रहने वाला था डॉक्टर?

प्रथम वर्ष के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर शिवशरण पाटिल कर्नाटक के मूल निवासी थे। शनिवार को जब कई घंटों तक उनका पता नहीं चला, तो उनके रूममेट को उन्हें ढूंढने के लिए कहा गया।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा

अस्पताल के एक सीनियर डॉक्टर ने बताया, 'जब उन्होंने अपना फोन किया, तो उन्हें बाथरूम के अंदर घंटी बजने की आवाज सुनाई दी और उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया।'

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि पहले वर्कलोड को लेकर शिकायतें आई थीं, लेकिन बीते कुछ महीनों में ऐसी कोई शिकायत सामने नहीं आई है, क्योंकि मृतक डॉक्टर की यूनिट में कार्यभार कम हो गया था।

पिछले कुछ वर्षों में 25 डॉक्टरों ने की आत्महत्या

नागपुर सरकारी मेडिकल कॉलेज के पिछले आंकड़ों के अनुसार, एक प्रशिक्षु ने एक महीने में 540 घंटे से अधिक का प्रशिक्षण लिया था। पिछले कुछ वर्षों में कम से कम 25 रेजिडेंट डॉक्टरों ने आत्महत्या कर ली है।