मुंबई, ओमप्रकाश तिवारी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार मुंबई-नागपुर समृद्धि गलियारे में रोड़ा अटका सकते हैं। यह प्रस्तावित परियोजना मुख्यमंत्री देवेंद्र फडऩवीस की पसंदीदा मानी जाती है। पवार ने 12 जून को इस परियोजना से प्रभावित हो रहे किसानों एवं अन्य लोगों की एक बैठक औरंगाबाद में बुलाई है जहां राज्य के 19 जिलों एवं 26 तालुका के लोग आएंगे। 

वहां पवार सभी की बात सुनने के बाद आगे की रणनीति तय करेंगे। पवार ने मंगलवार को परियोजना से प्रभावित कुछ लोगों से मुलाकात ेबाद बैठक की घोषणा की। मुख्यमंत्री का नाम लिए बिना पवार ने कहा, 'मैंने सुना कि यह कुछ प्रमुख नेताओं की पसंदीदा परियोजना है। हमें यह भी पता चला है कि प्रस्तावित मुंबई-नागपुर समृद्धि गलियारे के लिए अधिगृहीत की जा रही भूमि के आसपास के कुछ भूखंड राज्य के कुछ अधिकारियों ने खरीद लिए हैं।' शरद पवार इन आरोपों से फडऩवीस की इस पसंदीदा परियोजना के रास्ते में रोड़ा अटकाने का संकेत दिया है।

माना जा रहा है कि ऐसा वह इसलिए करना चाहते हैं क्योंकि हाल ही में सूबे की फडऩवीस सरकार ने पवार की पसंदीदा लवासा परियोजना को स्पेशल डेवलपमेंट अथॉरिटी स्टेटस देने से मना कर दिया है।

पवार के निशाने पर परियोजना दरअसल 710 किलोमीटर लंबा मुंबई-नागपुर एक्सप्रेस वे है। इसे मुंबई-नागपुर समृद्धि गलियारे का नाम दिया गया है। चूंकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडऩवीस एवं केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का गृहनगर नागपुर है। इसलिए इसे इन दोनों वरिष्ठ नेताओं की पसंदीदा

परियोजना बताया जा रहा है।

Posted By: Babita Kashyap

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