मुंबई, एएनआइ। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) मुंबई के निदेशक समीर वानखेड़े अब सोमवार से दिल्ली में डीआरआइ (राजस्व खुफिया निदेशालय) के निदेशक को रिपोर्ट करेंगे। समीर वानखेड़े का कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त हो गया था। उन्होंने सेवा विस्तार का अनुरोध नहीं किया था। गौरतलब है कि 2008 बैच के भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी समीर वानखेड़े सितंबर 2020 से एनसीबी में प्रतिनियुक्ति पर आए थे और वर्तमान में एंटी-ड्रग्स एजेंसी के मुंबई जोनल डायरेक्टर थे। इससे पहले वह राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआइ) में तैनात थे। समीर का कार्यकाल काफी विवादास्पद रहा है। 2021 में वानखेड़े काफी दिनों तक चर्चा में भी रहे थे।

एनसीबी के जोनल निदेशक के तौर पर समीर वानखेड़े का करियर
एनसीबी के जोनल निदेशक के तौर पर समीर वानखेड़े ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई की थी, जिसमें कथित तौर पर बालीवुड के कई हस्ती शामिल थे। अक्टूबर, 2021 में समीर वानखेड़े के नेतृत्व में एक टीम ने मुंबई के तट पर एक क्रूज जहाज पर छापेमारी के दौरान कथित तौर पर ड्रग्स बरामद किया था। इस दौरान बालीवुड के अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन को अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, बाद में एनसीबी द्वारा छापेमारी के दौरान इस्तेमाल किए गए स्वतंत्र गवाहों की साख के बारे में सवाल उठाए गए। यह भी आरोप लगाया गया कि एनसीबी के अधिकारियों द्वारा शाहरुख खान से पैसा वसूलने का प्रयास किया गया था।

नवाब मलिक और समीर वानखेड़े में रही तनातनी

इसके बाद से महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक और समीर वानखेड़े में तनातनी शुरू हो गई। एनसीपी के नेता ने एनसीबी के जोनल डायरेक्टर पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह मुस्लिम हैं और फर्जी जाति प्रमाण पत्र प्राप्त कर अनुसूचित जाति के कोटे में नौकरी हासिल की। समीर वानखेड़े ने आरोपों को झूठा बताया और उनके पिता ने एनसीपी नेता मलिक के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। 

Edited By: Sachin Kumar Mishra