यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bar Licence Case: समीर वानखेड़े पहुंचे बाम्बे हाइकोर्ट, FIR रद करने की अपील
Bar Licence case बार लाइसेंस मामले में एनसीबी के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) को सोमवार को ठाणे ...और पढ़ें

मुंबई, एएनआइ। महाराष्ट्र आबकारी विभाग की शिकायत पर ठाणे पुलिस (Thane Police) ने सोमवार को मुंबई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) को कथित जालसाजी मामले में तलब किया। ठाणे पुलिस ने कहा, "उन्हें 23 फरवरी (बुधवार) को प्रासंगिक दस्तावेजों के साथ अपना बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन आना होगा।" इस बीच, वानखेड़े ने कथित धोखाधड़ी वाले बार लाइसेंस के खिलाफ ठाणे पुलिस द्वारा प्राथमिकी रद करने की मांग करते हुए बाम्बे हाईकोर्ट (Bombay High court) का रुख किया है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई 22 फरवरी को तय की है।
उन्होंने बाम्बे हाई कोर्ट में ठाणे कलेक्टर द्वारा रद बार लाइसेंस की बहाली के लिए एक और याचिका दायर की है। कोपरी पुलिस ने रविवार को कहा कि वानखेड़े के खिलाफ मुंबई के ठाणे में कथित तौर पर अपनी उम्र के बारे में जानबूझकर गलत तरीके से एक होटल के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के लिए जालसाजी के लिए प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
राज्य के आबकारी विभाग के अधिकारी शंकर गोगावले की शिकायत के बाद कार्रवाई की गई थी, जिन्होंने आरोप लगाया था कि वानखेड़े की उम्र 1996-97 में शहर में सद्गुरु बार के लिए लाइसेंस प्राप्त करते समय 18 वर्ष से कम थी। ठाणे कलेक्टर ने बार का लाइसेंस रद करने का आदेश जारी किया था। प्राथमिकी के अनुसार, पूर्व जोनल एनसीबी निदेशक इन समझौतों को करने के योग्य नहीं थे, लेकिन उन्होंने ठाणे के सद्गुरु होटल के लिए अपने समझौते के एक स्टाम्प पेपर पर उन्होंने ये दावा किया।
