मुंबई, ऑनलाइन डेस्क। पात्रा चाल घोटाला मामले में उद्धव गुट की शिवसेना के सांसद संजय राउत और प्रवीण राउत पर आरोप तय करने को लेकर सुनवाई टल गई है। संजय और प्रवीण मंगलवार को अदालत पहुंच गए थे। हालांकि, अब सुनवाई टल गई है। दरअसल, जांच एजेंसी समन रिपोर्ट अदालत में पेश नहीं सकी। अब अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी।

बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने संजय राउत को बीते साल अगस्त में गिरफ्तार किया था। शिवसेना नेता अभी जमानत पर बाहर चल रहे हैं। ईडी ने संजय राउत को जमानत दिए जाने का विरोध किया था।

क्या है मामला?

गौरतलब है कि गोरेगांव में सिद्धार्थ नगर (पात्रा चाल) 47 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें 672 परिवार किराए पर रहते हैं। साल 2008 में, महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA), एक सरकारी एजेंसी ने हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) की एक सहयोगी कंपनी गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड (GACPL) को चाल के पुनर्विकास को लेकर एक अनुबंध सौंपा था।

पात्रा चाल में नहीं हुआ पुनर्विकास

जीएसीपीएल को किरायेदारों के लिए 672 फ्लैट तैयार करते थे और इनमें से कुछ फ्लैट म्हाडा को भी देने थे। जबकि बाकी बची हुई जमीन निजी डेवलपर्स को बेची जा सकती थी, लेकिन बीते 14 वर्षों में किरायेदारों को एक भी फ्लैट नहीं मिला क्योंकि कंपनी ने पात्रा चाल का पुनर्विकास नहीं किया और ईडी से मिली जानकारी के अनुसार 1,034 करोड़ रुपए में अन्य बिल्डरों को भूमि पार्सल और फ्लोर स्पेस इंडेक्स (FSI) बेच दिया।

Edited By: Manish Negi

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