मुंबई, राज्य ब्यूरो। खुद का हेलीकाप्टर बनाकर उड़ाने का जुनून यवतमाल के एक 25 वर्षीय युवक की जान पर बन आया। अपने बनाए हेलीकाप्टर का ट्रायल करते वक्त हुए हादसे में उक्त युवक मुन्ना शेख को अपनी जान गंवानी पड़ी। घटना महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के फुलसावंगी गांव की है। इस गांव का एक 25 वर्षीय युवक शेख इस्माइल उर्फ मुन्ना शेख पंखा, कूलर और वाशिंग मशीन जैसे घरेलू उपकरणों की मरम्मत करने वाला छोटा-मोटा मैकेनिक था। गांव वाले बताते हैं कि सिर्फ आठवीं तक पढ़े मुन्ना का दिमाग बहुत तेज चलता था। वह पिछले दो साल से वेल्डिंग का काम करने वाले अपने भाई के गैराज में ही एक छोटा हेलीकाप्टर बनाने की कोशिश कर रहा था। कुछ दिन पहले यह हेलीकाप्टर बनकर तैयार भी हो गया। इसे देखने के लिए कुछ लोग बेंगलुरू से आने वाले थे। उससे पहले मुन्ना इस हेलीकाप्टर का ट्रायल करना चाहता था। कुछ मित्रों की मदद से हेलीकाप्टर उठाकर गांव से बाहर लाया गया। मुन्ना ने हेलीकाप्टर में बैठकर जैसे ही इसे चालू किया, पीछे का पंखा टूटकर ऊपर घूम रहे पंखे से टकराया और तेज धमाके के साथ हेलीकाप्टर पलट गया। इस दुर्घटना में हेलीकाप्टर के अंदर बैठे मुन्ना के सिर में गंभीर चोटें आईं। वहां मौजूद उसके दोस्त उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। होनहार युवक की मौत से पूरा गांव शोक में डूबा है। 

गौरतलब है कि दिसंबर, 2016 में मुंबई की एक कॉलोनी के ऊपर हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था। इस हादसे में पायलट समेत एक महिला की भी मौत हो गई थी।1992 में बना 'रॉबिंसन R44' हेलीकॉप्टर पहले पवन हंस के पास था। अब इसका इस्तेमाल घूमने के लिए होता है। पायलट ने पवई के पास आपात स्थिति के बारे में जानकारी दी और आगे जाकर यह आरे कॉलोनी इलाके में क्रैश हो गया। हेलीकॉप्टर आरे कॉलोनी के फिल्टर पाडा इलाके में क्रैश हुआ। आरे कॉलोनी कोई रिहायशी इलाका नहीं है। यह जंगल का इलाका है और ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि पायलट ने यहां हेलीकॉप्टर को क्रैश लैंड करवाने की कोशिश की होगी।

Edited By: Sachin Kumar Mishra