मुंबई, राज्य ब्यूरो। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में 500 वर्ग फुट तक के घरों को संपत्ति कर से मुक्ति देने का निर्णय बुधवार को महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल में पारित हो गया। इसका लाभ मुंबई के 16 लाख से ज्यादा घरों को होगा। माना जा रहा है कि उद्धव सरकार ने यह निर्णय कुछ ही महीनों में होने जा रहे मुंबई महानगरपालिका चुनावों के कारण लिया है। शिवसेना ने 2017 के मनपा चुनावों से पहले ही घोषणा की थी कि वह पुनः सत्ता में आई, तो वह 500 वर्ग फुट तक के घरों से संपत्ति कर का प्रावधान समाप्त कर देगी। तब शिवसेना सत्ता में आई, लेकिन मुंबईवासियों को यह राहत नहीं मिल सकी। जबकि पिछली भाजपानीत सरकार में भी शिवसेना हिस्सेदार थी। अब फिर मनपा चुनाव सिर पर हैं। शिवसेना के लिए अपना पुराना वायदा ही लेकर जनता के बीच जाना मुश्किल दिख रहा था। नगर विकास विभाग का प्रस्ताव था कि मुंबईवासियों को यह राहत इस वर्ष अप्रैल से दी जाए, लेकिन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक जनवरी, 2022 से ही यह राहत देने का निर्णय किया, और आनन-फानन में नगर विकास विभाग को यह प्रस्ताव तैयार कर मंत्रिमंडल के सामने रखना पड़ा।

भाजपा ने कही ये बात

भाजपा का कहना है कि चूंकि शिवसेना ने अपने 2017 के मनपा चुनाव घोषणापत्र में मुंबईवासियों को यह राहत देने की बात कही थी। इसलिए इस निर्णय को 2017 से ही प्रभावी किया जाना चाहिए। इस निर्णय से महानगरपालिका को प्रतिवर्ष 462 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ेगा। बीएमसी ने 2020-21 में 6,768 करोड़ रुपयों की संपत्ति कर उगाही का अनुमान लगाया था। लेकिन कोविड महामारी के कारण 4,468 करोड़ की ही उगाही की जा सकी। अब 2021-22 के लिए बीएमसी ने 7000 करोड़ की संपत्ति कर उगाही की योजना बना रखी है। लेकिन यदि 500 वर्ग फुट तक के घरों को संपत्ति कर से मुक्ति की निर्णय लागू हुआ, तो उसे हर साल करीब पौने पांच सौ करोड़ का नुकसान उठाना पड़ सकता है।

Edited By: Sachin Kumar Mishra