नासिक में कुंभ मेले से पहले दूषित हुआ बोरवेल का पानी, NHRC ने मांगी रिपोर्ट
महाराष्ट्र के नासिक जिले के दत्तनगर में बोरवेल का पानी रासायनिक प्रदूषण से दूषित हो गया है, जिससे स्थानीय निवासी दो महीने से परेशान हैं।

नासिक के दत्तनगर में बोरवेल का पानी रासायनिक प्रदूषण से दूषित।
HighLights
नासिक के दत्तनगर में बोरवेल का पानी रासायनिक प्रदूषण से दूषित।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने महाराष्ट्र सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट।
औद्योगिक इकाइयों से रासायनिक अपशिष्ट रिसाव भूजल को दूषित कर रहा।
राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र के नासिक जिले में अंबड औद्योगिक क्षेत्र के पास स्थित दत्तनगर में बोरवेल का पानी रासायनिक प्रदूषण से दूषित हो गया है। इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वतः संज्ञान लेकर महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मामले की विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) से भी इस मामले में जानकारी मांगी गई है। आयोग ने कहा है कि मीडिया रिपोर्ट में सामने आए तथ्य सही पाए जाने पर यह मामला मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा गंभीर विषय हो सकता है। दत्तनगर के निवासी पिछले करीब दो महीने से बोरवेल के पानी के दूषित होने की समस्या का सामना कर रहे हैं।
स्थानीय अखबारों में इस आशय की कुछ खबरें भी प्रकाशित हुई थीं। जिनके अनुसार आसपास की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले रसायनयुक्त अपशिष्ट का रिसाव जमीन के भीतर हो रहा है। इसके कारण रसायनों के भूजल तक पहुंचने और बोरवेल का पानी असुरक्षित होने की आशंका जताई गई है।
गौरतलब है कि नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले का औपचारिक शुभारंभ 31 अक्टूबर 2026 को ध्वजारोहण के साथ होने जा रहा है। लगभग दो वर्षों तक चलने वाले इस धार्मिक महापर्व में करोड़ों श्रद्धालु गोदावरी के पावन तट पर आस्था की डुबकी लगाएंगे। ऐसे में जलस्रोत का दूषित होना सवाल खड़ा कर रहा है।
