मुंबई, प्रेट्र। महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने शुक्रवार को कहा कि एनसीबी ने राज्य पुलिस के नारकोटिक्स रोधी प्रकोष्ठ (एएनसी) से अपने शीर्ष पांच ड्रग्स के मामलों को केंद्रीय एजेंसी को हस्तांतरित करने को कहा है। उन्होंने केंद्र सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाया है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने दावा किया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के पत्र ने एएनसी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के फैसले के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कथित पत्र भी साझा किया है। एनसीबी के महानिदेशक एसएन प्रधान ने 24 नवंबर को महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर एनसीबी को सौंपे जाने के लिए उपयुक्त पांच मामलों की सूची मांगी थी।

उन्होंने कहा कि पत्र में मांग की गई है कि राज्य सरकारें अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव वाले मामलों की सूची तैयार करें और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में मदद करने के लिए उन्हें एनसीबी को सौंपने पर विचार करें। हम जानना चाहते हैं कि शीर्ष पांच मामलों (चयन) के लिए मानदंड क्या है। क्या वे वही हैं, जिन्होंने बहुत प्रचार किया है। उन्होंने पूछा कि इस तरह के अधिग्रहण के लिए नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम में कोई प्रावधान नहीं होने के बावजूद राज्यों के अधिकारों का इस तरह से उल्लंघन क्यों किया जा रहा है। कथित ड्रग्स मामले में आर्यन खान की गिरफ्तारी से जुड़े कई मुद्दों पर केंद्रीय एजेंसी पर हमला करने वाले मलिक ने ट्वीट किया कि क्या कोई उल्टा मकसद है? एनसीबी को भारत के नागरिकों को जवाब देना चाहिए।

Edited By: Sachin Kumar Mishra