मुंबई, प्रेट्र। केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने शिवसेना के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें शिवसेना ने दादरा और नगर हवेली लोकसभा सीट से कलाबेन देलकर की जीत को अपनी जीत बताया है। राणे ने कहा कि कलाबेन शिवसेना के चुनाव चिह्न पर चुनाव नहीं लड़ी थीं। मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में राणे ने कहा कि शिवसेना के महाराष्ट्र के बाहर पहली लोकसभा सीट हासिल करने के दावे के बाद उन्होंने कलाबेन के चुनाव चिह्न का पता लगाया। पता चला कि कलाबेन का चुनाव चिह्न बैट्समैन (बल्लेबाज) था। नारायण राणे ने कहा कि दूसरों की जीत का श्रेय लेने का शिवसेना की आदत रही है। अब वह हास्यास्पद दावे करने लगे हैं कि दिल्ली को जीत लेंगे।

हालांकि, कलाबेन से जुड़े एक सूत्र का कहना है कि वे शिवसेना प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ी और जीतीं हैं, लेकिन कुछ प्रक्रियात्मक कारणों से उन्हें शिवसेना का चुनाव चिह्न आवंटित नहीं हुआ। चुनाव आयोग ने भी कलाबेन देलकर को शिवसेना प्रत्याशी के रूप में जीत की घोषणा की थी। सूत्र ने बताया कि किसी भी क्षेत्रीय पार्टी को चुनाव की घोषणा होने के 72 घंटे के भीतर चुनाव आयोग को सूचित करना होता है कि वह दूसरे राज्य में चुनाव लड़ने जा रहा है। कलाबेन के मामले में ऐसा नहीं हो सका, जिसके कारण उन्हें बैट्समैन चुनाव चिह्न आवंटित किया गया। हाल में हुए लोकसभा उपचुनाव में कलाबेन ने भाजपा के महेश गवित को 51 हजार से ज्यादा मतों से हराया था।

गौरतलब है कि केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली में शिवसेना उम्मीदवार कलाबेन जीत शिवसेना के लिए लाटरी मानी जा रही है। इससे लोकसभा में उसे अपनी एक सीट बढ़ाने का मौका मिल गया है।दादरा एवं नगर हवेली में वहां के निर्दलीय सांसद मोहन डेलकर के निधन से खाली हुई सीट पर उपचुनाव हुए थे। मोहन डेलकर ने इसी वर्ष 22 फरवरी को मुंबई के एक होटल में आत्महत्या कर ली थी। उनके निधन से खाली हुई सीट पर उपचुनाव घोषित होने पर शिवसेना ने डेलकर की पत्नी कलाबेन डेलकर को शिवसेना की उम्मीदवारी देने का प्रस्ताव रखा था।

Edited By: Sachin Kumar Mishra