नागपुर, प्रेट्र। महाराष्ट्र में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के बीच मनमुटाव अब खुलकर सामने आ गया है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने सोमवार को कहा कि शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा राज्य में कांग्रेस को कमजोर कर रही है। उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को राकांपा के उन राजनीतिक कदमों से अवगत करा दिया है, जिसका मकसद कांग्रेस को कमजोर करना है। नागपुर हवाईअड्डे पर पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में पटोले ने कहा कि पिछले ढाई साल से राकांपा महाराष्ट्र में कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भिवंडी-निजामपुर नगर निगम के कांग्रेस के 19 पार्षद राकांपा में शामिल हो गए। इसके अलावा राकांपा ने इस महीने की शुरुआत में गोंदिया जिला परिषद के अध्यक्ष के चुनाव में प्रतिद्वंद्वी भाजपा के साथ हाथ मिलाया।

नाना पटोले ने कहा कि सभी बातों से कांग्रेस आलाकमान को हाल ही में उदयपुर में पार्टी के चिंतन शिविर के दौरान अवगत कराया गया। यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस के नए अध्यक्ष के चयन पर चिंतन शिविर में कोई चर्चा हुई, पटोले ने कहा कि पार्टी के आंतरिक चुनाव शुरू हो गए हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए प्रक्रिया अगस्त या सितंबर में होने की उम्मीद है। पार्टी कार्यकर्ता चाहते हैं कि राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनें। वर्तमान में कांग्रेस का नेतृत्व सोनिया गांधी कर रही हैं।

लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा के खिलाफ एक राष्ट्रीय मोर्चा बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिशों में तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर यानी के. चंद्रशेखर राव जीजान से जुटे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने यहां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। दोनों ने समान विचारों वाले दलों को एकजुट करने के लिए साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई है। वहीं, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार निरंकुश व्यवहार कर रही है, हमारे संविधान को नष्ट करने का काम कर रही है। तेलंगाना के सीएम केसीआर बीजेपी की तानाशाही के खिलाफ क्षेत्रीय दलों को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं, कांग्रेस के बिना यह सफल नहीं होगा।

Edited By: Sachin Kumar Mishra