राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ गठबंधन में सब कुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा है। इसका प्रमाण है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले का ताजा बयान, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार उन पर नजर रख रही है। महाराष्ट्र की शिवसेनानीत महाविकास अघाड़ी सरकार में कांग्रेस व राकांपा सहयोगी हैं। शनिवार को लोनावाला में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पटोले ने कहा कि रोज सुबह नौ बजे मुख्यमंत्री व गृहमंत्री को खुफिया रिपोर्ट सौंपी जाती है कि राज्य में क्या हो रहा है। चूंकि कांग्रेस खुद को मजबूत कर रही है, इसलिए उनके पैरों के नीचे से जमीन खिसकती जा रही है। हम यहां लोनावाला में हैं, लेकिन हमारी रिपोर्ट उनके पास पहुंच रही है। व्यवस्था हमें शांति से नहीं रहने दे रही है।

उनके मुताबिक, हमारा फोन टैप हो रहा है। हम जहां भी जाते हैं, जो भी करते हैं, उसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेजी जाती है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री हम पर नजर रख रहे हैं। हालांकि, बाद में पटोले ने एक मराठी चैनल से बात करते हुए कहा, 'मैंने कभी यह नहीं कहा कि राज्य सरकार मुझपर नजर रख रही है। मेरा आरोप केंद्र को लेकर था।' पटोले ने कुछ दिनों पहले पूर्व की भाजपा सरकार पर भी अपना फोन टैप कराने का आरोप लगाया था, जिसकी जांच के लिए राज्य के गृहमंत्री ने एक समिति का गठन भी कर दिया है। अब पटोले भले ही यह कहें कि उन्होंने केंद्र सरकार को ध्यान में रखकर बयान दिया है, लेकिन उनके बयान में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री का ही उल्लेख है। इससे पता चलता है कि राज्य सरकार पर ही निशाना साधा गया है। वह पहले भी कह चुके हैं कि शिवसेना-राकांपा उनकी पीठ में छुरा भोंक रही हैं। पटोले के इस बयान पर कुछ बोलने से इन्कार करते हुए राकांपा अध्यक्ष शरद पवार कह चुके हैं कि वे (नाना पटोले) बहुत छोटे लोग हैं। हमें उनपर कोई प्रतिक्रिया क्यों देनी चाहिए। यदि सोनिया गांधी कुछ कहेंगी तो हम उसपर प्रतिक्रिया देंगे। बता दें कि महाराष्ट्र में डेढ़ साल से चल रही महाविकास अघाड़ी सरकार पर नाना पटोले के उस बयान के बाद से ही अस्थिरता के बादल मंडराते दिख रहे हैं, जिसमें उन्होंने कांग्रेस द्वारा अगला चुनाव अलग लड़ने की बात कही थी।

अपनी पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्रियों से बात कर लें नाना पटोले : राकांपा

राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा है कि खुफिया विभाग मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, वरिष्ठ नेताओं, श्रमिक नेताओं एवं अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए उनके बारे में जानकारी रखता है। यदि किसी को सुरक्षा नहीं चाहिए तो वह सरकार को लिखकर दे दे। मलिक ने यह भी कहा कि यदि पटोले को ज्यादा जानकारी चाहिए तो उन्हें अपनी पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्रियों अशोक चव्हाण, पृथ्वीराज चव्हाण एवं सुशील कुमार शिंदे से बात कर लेनी चाहिए।

Edited By: Sachin Kumar Mishra