यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Mumbai Boat Accident: 'हमें लगा कि हम मर जाएंगे', मुंबई नाव हादसे में बचे लोगों ने बताया कैसा था मंजर
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एक यात्रियों के भरी नाव की टक्कर नेवी के स्पीड बोट से हो गई। टक्कर ...और पढ़ें

HighLights
- मुंबई में कल हुआ बड़ा हादसा
- यात्रियों से भरी नाव स्पीडबोट से टकराई
डिजिटल डेस्क, मुंबई। वैशाली अडकाने और उनके परिवार के सात सदस्य जब कल दोपहर गेटवे ऑफ इंडिया पर नीलकमल फेरी पर सवार हुए, तो उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि वे मौत के मुंह में समा जाने वाले हैं। फेरी की सवारी के करीब 40 मिनट बाद, नौसेना की एक स्पीडबोट ने नियंत्रण खो दिया और जहाज से टकरा गई।
कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है और 100 से ज़्यादा लोगों को बचा लिया गया है। सौभाग्य से, वैशाली और उनके परिवार के सदस्य बच गए हैं।
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सफेद स्पीडबोट नाव से टकराई
वैशाली ने मीडिया को बताया, हममें से आठ लोग दोपहर करीब 3 बजे गेटवे ऑफ इंडिया पर एक नाव में सवार हुए थे। करीब 40 मिनट बाद, एक सफेद स्पीडबोट नौका से टकरा गई। हम सब गिर गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्पीडबोट पर सवार एक व्यक्ति हमारी नौका के अंदर जा गिरा। करीब पांच मिनट बाद, लोग चिल्लाने लगे और हमें लाइफ जैकेट पहनने के लिए कहने लगे। इससे पहले किसी ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। हमें लगा कि हम मरने वाले हैं।

उन्होंने कहा कि नौका पर सवार लोग मदद के लिए चिल्लाने लगे लेकिन कुछ जहाजों ने उनकी बात अनसुनी कर दी। लेकिन कुछ ही देर बाद, 2-3 नावें आईं और हमें बचाने लगीं। शुक्र है कि हमारे परिवार के सभी लोग सुरक्षित हैं।
10 नागरिकों और 3 नौसेना कर्मियों की मौत
एक अन्य जिंदा बचे दिनेश अदकाने ने बताया कि नौका पूरी भरी हुई थी। मैंने कुछ लोगों को गिरते देखा। वे मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन 30 मिनट तक कोई नहीं आया। उसके बाद, नावें आईं और हमें बचाया। दुर्घटना के समय, किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहनी हुई थी। जब नौका डूबने लगी, तो हमें लाइफ जैकेट पहनने के लिए कहा गया।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कल संवाददाताओं को बताया कि मृतकों में 10 नागरिक और तीन नौसेना कर्मी शामिल हैं।
नौसेना की स्पीडबोट का इंजन परीक्षण चल रहा था, तभी उसने नियंत्रण खो दिया और नौका से जा टकराई। रक्षा अधिकारी के अनुसार, नौसेना, समुद्री पुलिस और तटरक्षक बल द्वारा चलाए गए बड़े पैमाने पर बचाव अभियान से लोगों की जान बचाने में मदद मिली। बचाव अभियान में चार हेलीकॉप्टर शामिल थे। पुलिस कर्मी और स्थानीय मछुआरे भी बचाव कार्य में शामिल हुए थे।

कैसे हुआ हादसा?
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एक यात्रियों के भरी नाव की टक्कर नेवी के स्पीड बोट से हो गई। टक्कर के बाद यात्रियों से भरी नाव समुद्र में पलट गई। इस हादसे में 13 लोगों की जान गई है। हालांकि बोट में 100 ज्यादा लोग सवार थे, हादसा और बड़ा हो सकता था लेकिन तीन केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) कांस्टेबलों की त्वरित और वीरतापूर्ण कार्रवाई ने बुधवार को एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।
पहुंचते ही शुरू कर दिया बचाव कार्य
कांस्टेबल अमोल मारुति सावंत, विकास घोष और अरुण सिंह दुर्घटनास्थल से सिर्फ 4-5 किलोमीटर दूर गश्त कर रहे थे और वे जवाहर दीप द्वीप की ओर जा रहे थे। सीआईएसएफ नियंत्रण कक्ष से एक एसओएस कॉल प्राप्त होने पर, कांस्टेबल सावंत ने तुरंत अपनी गश्ती नाव को घुमाया और पलटी हुई नाव के स्थान पर पहुंचे। कांस्टेबल सावंत ने कहा कि हमें अपराह्न 3:55 बजे कॉल मिली और हम 1,600 आरपीएम की गति से यात्रा करते हुए 4:05 बजे स्थान पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू कर दिया।
