मुंबई को मिली पहली ड्राइवरलेस 'मेक इन इंडिया' मेट्रो ट्रेन, 2027 तक 70 KM कॉरिडोर का लक्ष्य; सामने आई तस्वीर
मुंबई मेट्रो लाइन 4 और 4A के लिए पहली आधुनिक ड्राइवरलेस ट्रेन का अनावरण किया गया है, जिसे 'मेक इन इंडिया' के तहत 14 महीने में तैयार किया गया है।

मुंबई को मिली पहली ड्राइवरलेस 'मेक इन इंडिया' मेट्रो ट्रेन (तस्वीर-सोशल मीडिया)
HighLights
मुंबई मेट्रो लाइन 4 के लिए पहली ड्राइवरलेस ट्रेन का अनावरण।
'मेक इन इंडिया' के तहत 14 महीने में तैयार हुई अत्याधुनिक ट्रेन।
सीएम फडणवीस ने 2027 को 'मेट्रो ईयर' घोषित किया।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साल 2027 को 'मेट्रो ईयर' के रूप में घोषित किया है। इसके तहत मुंबई और ठाणे के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा देने के लिए कई मेट्रो परियोजनाओं का काम तेजी से चल रहा है। इस बीच, मुंबई मेट्रो लाइन 4 और 4A के लिए पहली आधुनिक और अत्याधुनिक ड्राइवरलेस ट्रेन भी सामने आ चुकी है।
मात्र 14 महीने में तैयार हुई पहली ट्रेन
फ्रांसीसी कंपनी एल्स्टॉम इंडिया ने आंध्र प्रदेश के श्री सिटी स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में मुंबई मेट्रो लाइन 4 और 4A के लिए पहली ट्रेनसेट को अनावरण किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस अत्याधुनिक ट्रेन को रिकॉर्ड 14 महीने के कम समय में तैयार किया गया है।
इस प्रोजेक्ट के तहत एल्स्टॉम कुल 39 ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेनसेट उपलब्ध कराएगी। इसे लार्सन एंड टुब्रो को सौंपा गया है, जिसे मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने इंटीग्रेटेड सिस्टम्स पैकेज का कॉन्ट्रैक्ट दिया है।
आत्मनिर्भर भारत की बेहतरीन मिसाल
बता दें कि यह ट्रेन पूरी तरह भारत में ही डिजाइन और निर्मित की गई है, जो 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' की तर्ज पर तैयार हुई है।
- डिजाइन- बेंगलुरु में तैयार की गई है।
- मैन्युफैक्चरिंग- श्री सिटी आंध्र प्रदेश में बनाई गई है।
- प्रोपल्शन- कोयंबटूर से तैयार किया गया है।
- बोगी- गुजरात के सांवली में बनाई गई है।
इस ट्रेन में खास क्या?
बात इब इसकी खासियत की करें तो इस मेट्रो की सुरक्षित गति 90 किमी प्रति घंटा और परिचालन गति 80 किमी प्रति घंटा होगी। इसमें एयरफ्लो-बेस्ड कूलिंग सिस्टम और इको-फ्रेंडली डिजाइन का इस्तेमाल किया गया है, जो आग से सुरक्षा के मानकों पर भी खरी उतरती है।
इतना ही नहीं यात्रियों के लिए व्हीकल एक्सेस और खास तौर पर भारत में पहली बार किसी एल्स्टॉम ट्रेन में साइकिल रखने के लिए रैक बनाए गए हैं, ताकि लोग आसानी से लास्ट-माइल कनेक्टिविटी का आनंद ले सकें। वहीं हरा और नीला रंग इसकी पहचान है, जो प्रगति, भरोसे और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को दर्शाता है।
सीएम फडणवीस ने किया बड़ा एलान
गौरतलब है कि हाल ही में सह्याद्री गेस्ट हाउस में 'सीएमओ वॉर रूम' की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि वर्ष 2027 को 'मेट्रो ईयर' माना जाएगा और तब तक कम से कम 70 किलोमीटर के मेट्रो कॉरिडोर का काम पूरा कर लिया जाएगा।
