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मुंबई मॉल एंट्री केस: ChatGPT से बनाई PMO की फेक आईडी, पुलिस ने कोर्ट को बताया

Published: Fri, 11 Sep 2026 10:24 PM (IST)Updated: Fri, 11 Sep 2026 10:52 PM (IST)

मुंबई में एक व्यक्ति को फर्जी पीएमओ पहचान पत्र के साथ पकड़ा गया, जिसे उसने एआई टूल चैटजीपीटी की मदद ...और पढ़ें

ChatGPT की मदद से बनाई फेक पीएमओ ID।

ChatGPT की मदद से बनाई फेक पीएमओ ID।

HighLights

  1. फर्जी पीएमओ पहचान पत्र बनाने में एआई टूल चैटजीपीटी का उपयोग।

  2. मुंबई में रोहन पारिख और सहयोगी दिलीप कुंडे गिरफ्तार।

  3. पुलिस को चैटजीपीटी से बने कई फर्जी दस्तावेज बरामद हुए।

राज्य ब्यूरो, मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे से पहले बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) स्थित जियो वर्ल्ड प्लाजा मॉल में फर्जी पीएमओ पहचान पत्र के साथ पकड़े गए युवक ने इसे तैयार करने में एआई टूल का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने शुक्रवार को एस्प्लेनेड कोर्ट में यह जानकारी दी।

पुलिस को आरोपित रोहन पारिख के घर की तलाशी में चैटजीपीटी की मदद से तैयार किए गए पीएमओ से जुड़े कई फर्जी दस्तावेज मिले हैं। अदालत ने पुलिस हिरासत बढ़ाने की मांग खारिज करते हुए पारिख और उसके सहयोगी दिलीप कुंडे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डीएस खेडेकर के समक्ष पुलिस ने बताया कि पारिख ने कथित तौर पर स्वीकार किया है कि वह 2025 से चैटजीपीटी का इस्तेमाल फर्जी पीएमओ आईडी और संबंधित आधिकारिक दस्तावेज तैयार करने के लिए कर रहा था।

पुलिस के मुताबिक, उसका उद्देश्य परिवार और सामाजिक दायरे में अपनी सामाजिक स्थिति बढ़ाना था। पुलिस के अनुसार पारिख के मोबाइल फोन के डेटा की जांच में पीएमओ के पत्राचार से संबंधित दस्तावेजों का मसौदा तैयार करने के लिए की गई खोज का इतिहास भी मिला है। पुलिस ने उसकी और हिरासत की मांग करते हुए कहा कि यह पता लगाना जरूरी है कि उसने इन फर्जी दस्तावेजों या पहचान पत्रों का इस्तेमाल कहीं अन्य स्थानों पर तो नहीं किया।

पुलिस ने दूसरे आरोपित कुंडे की भूमिका को भी गंभीर बताया। कुंडे पूर्व सैन्यकर्मी है और उसके पास से रिवॉल्वर बरामद हुई थी। पुलिस का दावा है कि उसने अपने निजी इस्तेमाल के हथियार का इस्तेमाल व्यावसायिक तौर पर पारिख के पेशेवर अंगरक्षक के रूप में किया।

वहीं, दोनों आरोपितों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश मानेशिंदे ने पुलिस की हिरासत की मांग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि आरोपितों ने दस्तावेज खुद तैयार करने की बात स्वीकार कर ली है और इसमें किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं है। पुलिस पहले ही मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य दस्तावेज जब्त कर चुकी है,इसलिए अब और हिरासत में पूछताछ का कोई औचित्य नहीं है।

बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी की मुंबई यात्रा से पहले जियो मॉल के सुरक्षा कर्मचारियों से विवाद के दौरान पारिख ने कथित तौर पर खुद को पीएमओ अधिकारी बताया था। उसके साथ मौजूद कुंडे के पास हथियार मिलने के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया।

यह घटना ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 के आयोजन से एक दिन पहले हुई थी। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घटना का प्रधानमंत्री के अगले दिन होने वाले कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं था।