विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

90 हजार सैलरी, मर्सिडीज से सवारी और 5-स्टार में रहना; एंटीलिया बम कांड में आरोपी सचिन वाझे की महंगी लाइफस्टाइल पर हाईकोर्ट ने उठाए सवाल

Published: Thu, 08 Oct 2026 09:19 PM (GMT+05:30)

मुंबई उच्च न्यायालय ने एंटीलिया बम कांड और मनसुख हिरेन हत्या मामले में आरोपी पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे की महंगी जीवनशैली पर सवाल उठाए हैं।

सचिन वाझे की लाइफस्टाइल पर हाईकोर्ट ने उठाए सवाल

सचिन वाझे की लाइफस्टाइल पर हाईकोर्ट ने उठाए सवाल

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

राज्य ब्यूरो, मुंबई। एंटीलियाबम कांड और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में आरोपित पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे के महंगी कारों के इस्तेमाल और पांच सितारा होटल में लंबे समय तक ठहरने को लेकर मुंबई उच्चन्यायालय ने सवाल उठाए हैं।

कोर्ट ने कहा कि जब किसी व्यक्ति पर पुलिस की वर्दी में अपराध करने का आरोप हो तो उसके आचरण, ईमानदारी और जीवनशैली समेत अन्य पहलुओं पर भी विचार करना जरूरी है।

न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की उस अपील पर सुनवाई कर रही है, जिसमें विशेष अदालत के 29 सितंबर के वाझे को जमानत देने के आदेश को चुनौती दी गई है।

उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह जमानत आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी। इसके चलते वाझे फिलहाल ठाणे सेंट्रल जेल में ही बंद है। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी और तब तक जमानत पर रोक जारी रहेगी।

गुरुवार को एनआईए की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने गवाहों के बयान पढ़े। इनमें वाझे द्वारा मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी कारों के इस्तेमाल का उल्लेख था। इस पर पीठ ने सवाल किया कि सहायक पुलिस निरीक्षक (एपीआई) के पद पर रहते हुए वाझे इतनी महंगी कारें कैसे इस्तेमाल करता था।

पीठ ने कहा कि एपीआई पद का अधिकारी मर्सिडीज से अपने कार्यालय जाता था, जो पुलिस आयुक्त के कार्यालय वाली इमारत में ही था। वह मर्सिडीज से मुख्यमंत्री के सरकारी आवास वर्षा बंगले पर भी जाता था।

कोर्ट ने ओबेराय होटल में वाझे के करीब 100 दिन तक ठहरने पर भी सवाल उठाया। न्यायमूर्ति कुलकर्णी ने पूछा कि क्या एपीआई के वेतन से इतने लंबे समय तक पांच सितारा होटल में कमरा बुक कराया जा सकता है। एनआईए ने बताया कि एपीआई का मासिक वेतन करीब 90 हजार रुपये से अधिक नहीं होता। कोर्ट ने कहा कि ये सभी बातें वाझे पर लगे जबरन वसूली के आरोपों से जुड़ती हैं।

सुनवाई के दौरान पीठ ने एंटीलियाके बाहर खड़ी कार में मिले जिलेटिन स्टिक के स्रोत को लेकर भी सवाल किया। एनआईए ने कहा कि जांच एजेंसी को अब तक यह पता नहीं चला है कि जिलेटिन कहां से खरीदा गया था और वाझे ने जांच में सहयोग नहीं किया। एनआईए ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि वाझे गवाहों को प्रभावित कर सकता है और साक्ष्य नष्ट कर सकता है।

एजेंसी ने कहा कि वह मामले की सुनवाई तुरंत शुरू करने के लिए तैयार है और करीब 150 गवाहों से ही पूछताछ की जानी है। बता दें कि 25 फरवरी 2021 को मुकेश अंबानी के आवास एंटीलियाके पास विस्फोटक से भरी एसयूवी मिली थी। इसके बाद एसयूवी से जुड़े कारोबारी मनसुख हिरेन का पांच मार्च को ठाणे की एक खाड़ी में शव मिला था।

एनआईए ने वाझे को 13 मार्च 2021 को गिरफ्तार किया था। बाद में वह भ्रष्टाचार के एक मामले में भी आरोपित बनाया गया, जिसमें उसे जमानत मिल चुकी है। विशेष अदालत ने वाझे को जमानत देते हुए कहा था कि एनआईए उसके खिलाफ यूएपीए के तहत आतंकवाद का प्रथमदृष्टया मामला स्थापित करने में विफल रही है। एनआईए ने इस आदेश को गलत बताते हुए उच्चन्यायालय में चुनौती दी है।