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'पढ़ा रहे गुरु पर हमला गंभीर अपराध'... मुंबई की अदालत ने 12 दोषियों को सुनाई सजा

Published: Tue, 29 Sep 2026 12:02 AM (IST)

मुंबई की एक अदालत ने 2010 में एक स्कूल शिक्षक पर हमला करने और स्याही फेंकने के मामले में भारतीय ...और पढ़ें

मुंबई की अदालत ने 12 दोषियों को सुनाई सजा

मुंबई की अदालत ने 12 दोषियों को सुनाई सजा

HighLights

  1. 2010 के शिक्षक हमले में 12 लोगों को छह माह की सजा।

  2. भारतीय विद्यार्थी सेना के सदस्यों ने शिक्षक पर स्याही फेंकी थी।

  3. कोर्ट ने कहा, पढ़ाते शिक्षक पर हमला गंभीर अपराध है।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई की एक अदालत ने सोमवार को भारतीय विद्यार्थी सेना (जो अविभाजित शिवसेना का छात्र संगठन था) से जुड़े 12 लोगों को 2010 में स्कूल शिक्षक पर हमला करने और उन पर स्याही फेंकने के मामले में छह महीने की सजा सुनाई है।

अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि पढ़ाते समय शिक्षकों पर हमला करना गंभीर अपराध है और इस मामले में नरमी बरतने से समाज में गलत संदेश जाएगा।

जज ने इन 12 लोगों को दंगा करने, कमरे में जबरन घुसने और सरकारी ड्यूटी कर रहे सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने का दोषी ठहराया। हालांकि, गलत तरीके से बंधक बनाने और आपराधिक धमकी देने के आरोपों से बरी कर दिया।

यह घटना 20 अगस्त 2010 को मुलुंड म्युनिसिपल कार्पोरेशन सेकेंडरी स्कूल में हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, विजय पंढरी भीड़ के साथ वहां पहुंचा और शिक्षक प्रकाश बापू सालगर से बदसलूकी की।

डंडों और बोतल से हमला बोला और उनपर स्याही फेंकी। जब बीच-बचाव की कोशिश की गई, तो हमलावरों ने कार्यालय में तोड़-फोड़ की।

कोर्ट ने आदेश में कहा कि दोषी ने एक शिक्षक के चेहरे पर काली स्याही फेंकने की हिम्मत की, "जो कोई मामूली बात नहीं है"। शिक्षक छात्रों का भविष्य संवारते हैं और जब वे पढ़ा रहे हों, तब उनके साथ ऐसा अपराध बहुत गंभीर मामला है।" (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)