बीएमसी चुनाव के लिए भाजपा-शिवसेना का घोषणापत्र, बुनियादी ढांचे और महिलाओं पर विशेष जोर
मुंबई महानगरपालिका चुनाव के लिए भाजपा-शिवसेना महायुति ने अपना घोषणापत्र जारी किया है। इसमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ ...और पढ़ें

बीएमसी चुनाव के लिए महायुति गठबंधन ने जारी किया घोषणापत्र।
HighLights
महिलाओं को बेस्ट बसों में 50% किराया छूट मिलेगी।
मुंबई के बुनियादी ढांचे में सुधार और जलभराव का समाधान।
अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें निर्वासित किया जाएगा।
राज्य ब्यूरो, मुंबई। आगामी 15 जनवरी को होने वाले मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के लिए भाजपा-शिवसेना के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने रविवार को अपना चुनावी घोषणापत्र (वचननामा) जारी कर दिया है। इसमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई के विकास और आम नागरिकों की सुविधाओं को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण वादे किए हैं।
मुंबई का बुनियादी ढांचा सुधारने और महिलाओं को सुविधाएं प्रदान करने पर विशेष जोर दिया गया है। घोषणापत्र की सबसे बड़ी घोषणा बेस्ट बसों के किराए में महिलाओं को 50 प्रतिशत की सीधी छूट देना है।
इसके अलावा 'लाडली बहन' योजना के तहत महिलाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण देने का भी वादा किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में महिलाओं को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाया जाए।
महायुति ने मुंबई को एक 'ग्लोबल पावर हाउस' बनाने का वादा किया है। इसके लिए जापानी तकनीक और स्थानीय प्रशासन के तालमेल से शहर की पुरानी समस्याओं जैसे जलभराव आदि को हल करने की बात कही गई है।
गठबंधन ने घोषणा की है कि बेस्ट बसों के बेड़े को पांच हजार से बढ़ाकर दस हजार बसों का किया जाएगा, जो पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी। सभी नागरिक सेवाओं को नागरिकों के मोबाइल फोन तक पहुंचाने के लिए एक एकीकृत एप लॉन्च किया जाएगा।
शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे द्वारा मराठी के मुद्दे पर ध्रुवीकरण का प्रयास किया जा रहा है। संभवत: इसी बात को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि मराठीभाषियों को मुंबई से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। उन्हें शहर में ही घर उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुंबई को झोपड़ पट्टी मुक्त बनाने के लिए स्लम रिहैबिलिटेशन अथारिटी (एसआरए) के तहत 30-35 लाख घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। घोषणापत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) का उपयोग कर शहर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों की पहचान करने और उन्हें निर्वासित करने का वादा भी किया गया है।
गठबंधन ने वादा किया है कि वे अगले पांच वर्षों के लिए पानी के कर में कोई बढ़ोतरी नहीं करेंगे और मुंबई की सभी सड़कों को सीमेंट-कंक्रीट का बनाकर गड्ढा मुक्त करेंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर और मोहल्ला क्लीनिकों का जाल बिछाने की भी योजना दर्शाई गई है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि महायुति का लक्ष्य केवल चुनावी वादे करना नहीं, बल्कि मुंबईकरों के जीवन स्तर को सुधारना है। अब देखना यह होगा कि विपक्षी उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के गठबंधन के सामने महायुति का यह घोषणापत्र जनता का कितना भरोसा जीत पाता है।
