मुंबई एयरपोर्ट पर सर्वर में आई तकनीकी खराबी, मची अफरातफरी
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नेटवर्क व्यवधान के कारण चेक-इन प्रक्रिया बाधित हुई, जिससे लगभग 50 मिनट तक यात्रियों को परेशानी हुई।

मुंबई एयरपोर्ट पर सर्वर में आई तकनीकी खराबी (फाइल फोटो- PTI)
HighLights
मुंबई एयरपोर्ट पर नेटवर्क व्यवधान से चेक-इन प्रक्रिया बाधित हुई।
तकनीकी खराबी के कारण 50 मिनट तक यात्रियों को परेशानी हुई।
एअर इंडिया, इंडिगो की उड़ानें प्रभावित, मैनुअल व्यवस्था लागू।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) पर मंगलवार शाम अचानक आए नेटवर्क व्यवधान के कारण चेक-इन प्रक्रिया बाधित हो गई। शाम करीब 7:05 बजे शुरू हुई इस तकनीकी समस्या से लगभग 50 मिनट तक डिपार्चर हॉल में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
तकनीकी खराबी के चलते इंडिगो और एअर इंडिया की उड़ानों के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एयरपोर्ट के प्रस्थान हॉल में अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई। नेटवर्क में गड़बड़ी के कारण चेक-इन प्रक्रिया धीमी पड़ गई, बोर्डिंग गेट में बदलाव करने पड़े और विमान के चालक दल की गतिविधियों में देरी हुई।
हालांकि, एयरपोर्ट संचालक के अनुसार उड़ानों के समग्र संचालन पर इसका कोई व्यापक असर नहीं पड़ा है।
नेटवर्क की समस्या के कारण एयर इंडिया की लगभग 11 और इंडिगो की 3 उड़ानों की चेक-इन प्रक्रिया प्रभावित हुई। हालांकि चेक-इन का काम धीमा जरूर हो गया, लेकिन यह पूरी तरह से नहीं रूका।
मैनुअल तरीके से शुरू किया गया काम
जरूरी कामकाज को जारी रखने और यात्रियों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए एयरपोर्ट की टीमों ने प्रोटोकॉल के तहत मैनुअल तरीके से काम करना शुरू कर दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्डिंग के दौरान यात्रियों के टिकट स्कैन करने वाले उपकरणों की रफ्तार भी धीमी हो गई। इस दौरान यात्रियों को उड़ानों से संबंधित जानकारी और बोर्डिंग प्रक्रिया में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नेटवर्क की समस्या सामने आने के बाद एयरपोर्ट पर कामकाज सामान्य बनाए रखने के लिए टीमें इसे ठीक करने में जुट गईं।
चेक-इन प्रक्रिया पूरी तरह बंद नहीं
एयरपोर्ट पर चेक-इन प्रक्रिया पूरी तरह बंद नहीं हुई थी, लेकिन इसकी रफ्तार प्रभावित रही। बोर्डिंग गेट में बदलाव और स्कैनर के धीमे काम करने से यात्रियों के बीच भ्रम की स्थिति बनी। एयरपोर्ट के कर्मचारियों ने स्थिति को संभालने और जरूरी सेवाएं जारी रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का सहारा लिया।
