समीउल्लाह खान, मिड-डे। अगर भविष्य में पैसे ट्रांजेक्शन के दौरान एटीएम मशीन में कभी भी आपका कार्ड अटक जाए, तो अगर संभव हो तो कार्ड को बिना वापस लिए एटीएम सेंटर से बाहर ना जाएं। दरअसल, एटीएम फ्रॉड करने वाले गिरोह ने एटीएम कार्ड क्लोनिंग कर लोगों को ठगने के लिए एक नया तरीका अपनाना है।

मुंबई के काशीमीरा पुलिस ने शनिवार को काशीमीरा पुलिस थाना क्षेत्र के एसबीआई की एटीएम मशीन में डाली गई कार्ड के अंदर एटीएम के आकार की बहुत पतली प्लेट लगाने का प्रयास कर रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। काशीमीरा पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि कस्तूरबा मार्ग पर पुलिस सब-इंस्पेक्टर, शेल्के को एटीएम सेंटर के सामने खड़ा किया गया। एटीएम के पास मौजूद तीन लोगों की गतिविधि को देखकर सब- इंस्पेक्टर को शक हुआ, इस दौरान वे भागने लगे, शेल्के ने कुछ अन्य लोगों का पीछा किया और उनमें से एक को पकड़ लिया, जबकि उसके दो अन्य साथी भागने में सफल रहे।

गुजरात का रहने वाला है आरोपी

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध कबूल कर लिया और अपने दो साथियों की पहचान भी बताई, उसे आईपीसी की धारा 379 और 511 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नरेश पुरुषोत्तम परमार (21) के रूप में हुई है, जो गुजरात के गिर सोमनाथ जिले का रहने वाला है। परमार से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उसके गिरोह के सदस्य एटीएम मशीन में डेबिट कार्ड डालकर लोगों को ठग रहे थे, अब तक बोरीवली, भायंदर पूर्व (नवघर) और मीरा रोड समेत तीन जगहों पर तीन अपराध कर चुके हैं। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि एक माइक्रो कैमरा और परमार से धातुओं से बनी तीन बहुत पतली प्लेटें भी जब्त की है।

जानें कैसे देते थे आरोपी अपराध को अंजाम 

पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ है कि गिरोह का सदस्य पहले एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट में धातु की एक पतली प्लेट लगा देता था, जहां एटीएम मशीन में कैश निकालने के लिए डेबिट कार्ड डाला जाता है। लेन-देन के बाद जब कोई ग्राहक अपना कार्ड वापस लेने की कोशिश करता है, तो कार्ड मशीन में लगी प्लेट में फंस जाती। आरोपी भी मशीन के आस-पास मौजूद मौजूद रहते हैं और बड़ी चतुराई से पिन नंबर देख लेते। बिना कार्ड लिए जब ग्राहक एटीएम से बाहर चले जाते तो यह लोग उस कार्ड के जरिए दूसरे एटीएम मशीन से पैसे निकाल लेते थे। और बाद में दूसरे एटीएम से कैश निकालते थे और उन कार्ड से शॉपिंग करते थे।

कई लोगों को बनाया गया निशाना

आरोपी ने इसी तरीके का इस्तेमाल करते हुए बोरीवली में एक पीड़ित के अटके हुए कार्ड से 1 लाख रुपये पैसे निकालकर दुकान से गहने खरीदे। 3 दिसंबर को तीनों ने ओसवाल क्षेत्र नवघाव के पास स्थित एसबीआई एटीएम से एक 52 वर्षीय रेलवे कर्मचारी का डेबिट कार्ड चुरा लिया और लगभग 28,500 रुपये निकाल लिए।

पुलिस को दिए बयान के अनुसार एक पीड़ित पैसे निकालने के लिए आए थे और उस दौरान एटीएम मशीन के आस-पास दो से तीन लोग मौजूद थे, वह स्लॉट में अपना एटीएम कार्ड डालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन कार्ड मशीन के स्लॅाट में इंसर्ट नहीं हो रहा था। आरोपियों ने मदद के बहाने पीड़ित का कार्ड जबरदस्ती मशीन के अंदर इन्सर्ट कर दिया। हांलांकि, कार्ड इंसर्ट होने की वजह से पीड़ित ने पैसे निकाल लिए, लेकिन उसका कार्ड मशीन के अंदर अटक गया। इसके बाद पीड़िक ने फोन कर पत्नी के साथ-साथ कस्टमर केयर को भी जानकारी दी और चला गया। अधिकारी ने बताया कि जब वह घर पहुंचा तो उसे नकदी निकालने के संबंध में फोन पर संदेश मिलने लगे तो वह एटीएम मशीन की ओर दौड़ा, जहां, उसकी कार्ड अटक गई थी।

मिड-डे पीएसआई भाऊ दूबे के साथ बात करते हुए काशीमीरा पुलिस स्टेशन से जुड़े एक पुलिस उप-निरीक्षक कहते हैं, 'गिरोह के सदस्य गुजरात से मुंबई आए हैं । तीनों आरोपितों को 7 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।' अधिकारी ने आगे बताया, 'लोगों से मेरी गुजारिश है कि एहतियात बरतें और सतर्क रहें। अगर उनके साथ ऐसा कुछ हुआ है तो वो एटीएम मशीन से बाहर न निकलें, हो सकता है आरोपी आपके जाने का इंतजार कर रहा हो।

Edited By: Piyush Kumar

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