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जामनगर में मुकेश अंबानी ने मार्को रूबियो का किया स्वागत, ऊर्जा और डिजिटल भविष्य पर हुई चर्चा

Published: Thu, 22 Oct 2026 12:01 AM (IST)

रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी और अनंत अंबानी ने जामनगर रिफाइनरी में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत किया।

मुकेश अंबानी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का स्वागत किया

मुकेश अंबानी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का स्वागत किया

HighLights

  1. मुकेश अंबानी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का स्वागत किया

  2. जामनगर रिफाइनरी और न्यू एनर्जी गीगा-फैक्ट्रियों का दौरा कराया गया

  3. ऊर्जा, डिजिटल बुनियादी ढांचे और सहयोग पर व्यापक चर्चा हुई

डिजिटल डेस्क, जामनगर। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी और कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी के केंद्र जामनगर में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत किया।

अतिथियों को विश्वस्तरीय रिफाइनरी परिसर का दौरा कराया गया। इस दौरान उन्हें इसके विशाल आकार, उन्नत तकनीक और एकीकृत संचालन को करीब से देखने का अवसर मिला।

रूबियो और गोर को रिलायंस की न्यू एनर्जी गीगा-फैक्ट्रियों के बारे में भी जानकारी दी गई, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से चालू किया जा रहा है। उन्हें निर्माणाधीन डाटा सेंटर भी दिखाया गया। दौरे में ऊर्जा और डिजिटल बुनियादी ढांचे में कंपनी के निवेश की जानकारी दी गई।

इसमें कंपनी की उन्नत विनिर्माण और डीप-टेक क्षमता का एकीकरण शामिल है। मुकेश अंबानी और अनंत अंबानी ने अतिथियों को जामनगर परिसर के लिए रिलायंस का दीर्घकालिक दृष्टिकोण और इसे डीप-टेक, नवाचार तथा उन्नत विनिर्माण के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बताई।

इस दौरान वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य और पारंपरिक तथा नई ऊर्जा के क्षेत्र में वाणिज्यिक साझेदारी की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा हुई। बातचीत में विश्वसनीय और किफायती ऊर्जा आपूर्ति, तकनीकी प्रगति, मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं और बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए जरूरी निवेश पर चर्चा की गई। ऊर्जा और डिजिटल बुनियादी ढांचे के बढ़ते मेल पर भी विचार हुआ।

इसमें डाटा सेंटरों को सहारा देने और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार में बिजली की भूमिका शामिल थी। मुकेश अंबानी और अनंत अंबानी ने तकनीक, इंजीनियरिंग और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्र में दोनों पक्षों की क्षमताओं के आधार पर अमेरिकी कंपनियों के साथ सहयोग की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।

इस बातचीत से उद्योग जगत का नजरिया साझा करने और परस्पर वाणिज्यिक हित के क्षेत्रों की संभावनाएं तलाशने का अवसर मिला।