भारत की परंपराएं विश्व कल्याण और सुरक्षा की कुंजी : मोहन भागवत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने नागपुर में कहा कि भारत की परंपराएं समाज और विश्व की सुरक्षा व कल्याण के लिए महत्वपूर्ण हैं।

भारत की परंपराएं विश्व कल्याण और सुरक्षा की कुंजी। (पीटीआई)
HighLights
भारत की परंपराएं विश्व कल्याण और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
लोगों को देश और समाज के हितों को ध्यान में रखना चाहिए।
सभी को समाज के उत्थान में योगदान देने की आवश्यकता है।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि भारत के लोगों को अपनी परंपराओं का पालन करना चाहिए और समाज तथा विश्व के उत्थान के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को देश और समाज के हितों को ध्यान में रखकर काम करना चाहिए। सभी को सभी के लिए एक संतोषजनक जीवन सुनिश्चित करने में योगदान देना चाहिए।
संघ प्रमुख भागवत ने बुधवार को नागपुर के देओलापुर में एक कार्यक्रम में कहा कि भारत की परंपराएं समाज और विश्व की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। हमारी जिंदगी, समाज, धर्म और विश्व के उत्थान के लिए जो रास्ता हर गुजरते दिन अनिवार्य होता जा रहा है, वह यह है कि भारत के लोग अपनी परंपराओं के अनुसार जीएं और सफल हों।
उन्होंने कहा कि "अच्छे काम में लगे लोगों" की संख्या समाज के आकार के मुकाबले पर्याप्त नहीं है। इसलिए सभी को इसमें योगदान देने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, "हमारा समाज त्योहारों को पसंद करता है और हम उनमें बड़े उत्साह के साथ भाग लेते हैं। लेकिन लोग आमतौर पर नहीं सोचते, 'मैं वह करूंगा जो करने की आवश्यकता है।' लोग कहते हैं कि उनके पास एक नौकरी है और परिवार का पालन-पोषण करना है, लेकिन वे किसी और से उम्मीद करते हैं कि वह समाज के लिए कुछ अच्छा करेगा।"
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
