मुंबई, एएनआइ। भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी ने अपनी याचिका पर विचार नहीं किए जाने पर बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया है। चोकसी ने अपनी याचिका में स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भारत वापस नहीं आ पाने और क्रॉस एग्जामिनेशन का अधिकार नहीं मिलने की बात कही थी।

 

गौरतलब है कि लगभग 14 हजार करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक फ्राड मामले के मुख्य आरोपी मेहुल चोकसी ने दावा किया है कि इस घोटाले के असली दोषी अब भी आजाद और सुरक्षित हैं। उनसे अभी तक पूछताछ तक नहीं की गई है, जबकि कोई सुबूत नहीं होते हुए भी उसे फंसा दिया गया है। भगोड़े मेहुल चोकसी ने कहा कि रिशिका फाइनेंशियल का मालिक देबज्योति दत्ता और पीएनबी के ब्रैडी हाउस ब्रांच के डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी बैंक घोटाले के असली दोषी हैं।

 यह घोटाला पिछले साल जनवरी में सामने आया था। उसके बाद ही इस मामले में मुख्य आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी और चोकसी विदेश भाग गए थे। नीरव मोदी को तो पिछले महीने ब्रिटेन में गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन चोकसी अब भी फरार है और कैरिबियाई देश एंटीगुआ में रह रहा है।

 चोकसी के मुताबिक दत्ता ने लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के लिए शेट्टी को एक करोड़ रुपये घूस दिए थे। मेहुल चोकसी ने आरोप लगाया है कि देबज्योति दत्ता को अभियुक्त बनाने की बजाए आश्चर्यजनक रूप से गवाह बनाया गया है।

 चोकसी ने कहा कि वह भारत की जांच एजेंसियों की सख्ती का खामियाजा भुगत रहा है। उसके खिलाफ एक भी सबूत नहीं जारी किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद उसे अपने तीन दशक के व्यापार का नुकसान झेलना पड़ रहा है। चोकसी ने यह भी आरोप लगाया कि दत्ता ने अपने बयान में बैंक अधिकारियों के साथ अपनी व्यवस्था के बारे में 

 

Posted By: Babita

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप