'मुझे जान से मारने की साजिश', मराठा आरक्षण की मांग कर रहे मनोज जरांगे का बड़ा दावा
मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने मुंबई में प्रस्तावित शांतिपूर्ण मार्च से पहले अपनी जान को खतरा और मार्च में बाधा डालने की साजिश का दावा किया है

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को निशाना साधा (फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, जालना। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मुंबई में प्रस्तावित शांतिपूर्ण मार्च से पहले आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने कहा कि मुझे जान से मारने और मार्च के दौरान परेशानी पैदा करने की साजिश रची जा रही है। मैं किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकूंगा।
महाराष्ट्र के जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में अनशन के 16वें दिन प्रदर्शन स्थल पर समर्थकों और मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दलों से जुड़े लोगों को मार्च में भेजकर अव्यवस्था पैदा की जा सकती है। उन्हें निशाना बनाया जा सकता है। कहा कि मैं मौत स्वीकार कर लूंगा, लेकिन झुकूंगा नहीं।
सत्ता में बैठे लोगों पर आरोप
प्रस्तावित मुंबई मार्च से पहले सरकार के पास इस मुद्दे का समाधान करने के लिए अभी आठ दिन का समय है। चेतावनी दी कि उनके समर्थक कुछ मंत्रियों को राजनीतिक रूप से चुनौती दे सकते हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को निशाना बनाते हुए आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं।
दावा किया कि उनके प्रस्तावित मार्च के दौरान मुंबई में परेशानी पैदा करने की योजना बनाई जा रही है। जरांगे ने शनिवार को घोषणा की थी कि वह अपने समर्थकों के साथ 15 सितंबर को मुंबई के लिए रवाना होंगे और मराठा समुदाय को नौकरियों तथा शिक्षा में आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर 19 सितंबर से राज्य की राजधानी के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
उन्होंने 14 से 25 सितंबर तक होने वाले गणपति उत्सव के दौरान यह मार्च निकालने का आह्वान किया है।
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