'मराठा आरक्षण आंदोलन रोकने के लिए 500 करोड़ दे रहे थे', जरांगे पाटिल ने लगाया आरोप; शिंदे ने किया इनकार
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने आरोप लगाया है कि उन्हें आंदोलन रोकने के लिए 500 करोड़ ...और पढ़ें
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जरांगे पाटिल ने मराठा आंदोलन रोकने को 500 करोड़ का आरोप लगाया

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राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने आरोप लगाया है कि उनके आंदोलन रोकने के लिए उन्हें 500 करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव दिया गया था। उनके इस आरोप के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।
राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इस मामले में ठोस सबूतों के साथ पुलिस या जिला कलेक्टर के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराने को कहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री और गृह विभाग संबंधित एजेंसियों के माध्यम से मामले की पूरी और निष्पक्ष जांच कराएंगे।
जरांगे पाटिल ने सरकार पर लगाया आरोप
जरांगे ने गुरुवार को जालना में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एक ऑडियो क्लिप जारी की। उन्होंने दावा किया कि यह क्लिप उनके खिलाफ रची गई साजिश का सबूत है।
उनके आरोप के अनुसार, शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से उन्हें 500 करोड़ रुपए देने की बात कही गई थी, ताकि उन्हें चुप कराया जा सके और मराठा आरक्षण के लिए चल रहे आंदोलन को कमजोर किया जा सके।
पत्रकारों से बातचीत में बावनकुले ने कहा कि यदि जरांगे के पास कथित लेनदेन और उन्हें फंसाने की साजिश से संबंधित ठोस प्रमाण हैं, तो उन्हें मीडिया में बयान देने के बजाय आधिकारिक शिकायत दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने के बाद सरकार मामले की गंभीरता से जांच कराएगी और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
बावनकुले नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में विधान परिषद चुनाव से संबंधित अपने दौरे के दौरान पत्रकारों से बात कर रहे थे। इस निर्वाचन क्षेत्र में शुक्रवार को मतदान होना है।
राजस्व मंत्री ने आधिकारिक शिकायत मांगी
इस विवाद की शुरुआत बीड जिले में जरांगे की दशहरा रैली के दौरान हुई थी। जरांगे ने दावा किया था कि भाजपा नेताओं के बीच यह चर्चा चल रही है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उन्हें 500 करोड़ रुपये दिए हैं।
उन्होंने शिंदे से इन आरोपों पर स्पष्टीकरण देने की मांग भी की थी। शिंदे ने बुधवार को इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि न तो उन्होंने किसी को 500 करोड़ रुपये दिए हैं और न ही किसी से इतनी बड़ी रकम ली है।
उन्होंने जरांगे को अपने दावों के समर्थन में सबूत पेश करने की चुनौती दी। शिंदे ने कहा कि यदि उनके पास प्रमाण हैं तो मामले की जांच होनी चाहिए, जिससे सच्चाई सामने आ सके।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने मराठा समुदाय को न्याय दिलाने के लिए काम किया है और समुदाय को दिया गया आरक्षण बरकरार है। उन्होंने जरांगे से आरक्षण आंदोलन को राजनीतिक मंच में तब्दील नहीं करने की अपील की।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने आरोपों को नकारा
इस विवाद पर सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। शिवसेना के मंत्री उदय सामंत और पूर्व मंत्री रामदास कदम ने दावा किया कि जरांगे द्वारा जारी ऑडियो क्लिप में सुनाई देने वाले लोग भाजपा से जुड़े हैं। दोनों नेताओं ने क्लिप की फोरेंसिक जांच कराने की मांग की है, ताकि उसकी प्रामाणिकता स्पष्ट हो सके।
मंत्री भरत गोगावाले ने भी जरांगे की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए उन पर अवसरवादिता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मराठा समुदाय के लिए शिंदे द्वारा किए गए कार्यों को भुलाया नहीं जा सकता। साथ ही, उन्होंने जरांगे को उपमुख्यमंत्री के खिलाफ आगे बयान देने से बचने की चेतावनी दी।
बावनकुले ने जरांगे पर अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकाएं जताकर जनता की सहानुभूति हासिल करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि वह इस मामले पर आगे टिप्पणी नहीं करना चाहते।
