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'केजरीवाल के इशारे पर काम कर रही है CJP', मनीष ब्रह्मभट्ट ने लगाए गंभीर आरोप

Published: Fri, 11 Sep 2026 10:32 PM (IST)

कॉकरोच जनता पार्टी (डेमोक्रेटिक) के संस्थापक मनीष ब्रह्मभट्ट ने आम आदमी पार्टी और 'स्कूल ठीक करो' अभियान से जुड़े अभिजीत दुबे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

मनीष ब्रह्मभट्ट ने CJP पर लगाए गंभीर आरोप।

मनीष ब्रह्मभट्ट ने CJP पर लगाए गंभीर आरोप।

HighLights

  1. ब्रह्मभट्ट ने केजरीवाल को आजाद भारत का विश्वासघाती नेता कहा।

  2. 'स्कूल ठीक करो' अभियान में अनियमितताओं पर सवाल उठाए गए।

  3. 'नेता ठीक करो' और 'जनता सरकार' आंदोलन की घोषणा की।

राज्य ब्यूरो, मुंबई। कॉकरोच जनता पार्टी (डेमोक्रेटिक) के संस्थापक मनीष ब्रह्मभट्ट ने आम आदमी पार्टी और ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान से जुड़े अभिजीत दुबे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मुंबई प्रेसक्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि देश के लोगों ने जिस आंदोलन को भ्रष्टाचार और व्यवस्था के खिलाफ खड़ा किया था, उसे व्यक्तिगत चेहरे और राजनीतिक हितों का आंदोलन बनाया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सीजेपी केजरीवाल के इशारे पर काम कर रही है और आंदोलन को ‘डील की टीम’ में बदल दिया गया है। उन्होंने केजरीवाल को आजाद भारत का सबसे विश्वासघाती नेता भी करार दिया।

ब्रह्मभट्ट ने कहा कि उनका उद्देश्य ‘स्कूल ठीक करो’ से आगे बढ़कर ‘नेता ठीक करो’ का आंदोलन चलाना है। उनके अनुसार यदि नेता जवाबदेह और ईमानदार होंगे तो स्कूल, अस्पताल, न्याय और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाएं भी बेहतर होंगी। उन्होंने कहा कि जनता टैक्स देती है और उसी के वोट से सरकारें बनती हैं, फिर भी जनता स्वयं को लाचार महसूस करती है। इसका कारण उन्होंने नेताओं की जवाबदेही की कमी को बताया।

उन्होंने अरविंद केजरीवाल के साथ अपने पुराने संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि 2011 के अन्ना आंदोलन के दौरान वह गुजरात में आंदोलन के संयोजक थे और जन लोकपाल को लेकर केजरीवाल के साथ कई बैठकें हुई थीं। उनके मुताबिक आम आदमी पार्टी के गठन के निर्णय में वह संस्थापक सदस्य के रूप में साथ थे, लेकिन बाद में केजरीवाल अपने पुराने वादों से पीछे हट गए।

उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को राजनीतिक सत्ता हासिल करने के लिए इस्तेमाल किया गया। ब्रह्मभट्ट ने पंजाब में स्वराज बिल लागू करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि यदि आम आदमी पार्टी वास्तव में स्वराज और जनता की भागीदारी में विश्वास करती है तो चुनाव से पहले पंजाब में ऐसा कानून लाया जाना चाहिए।

साथ ही उन्होंने पंजाब के प्रत्येक नागरिक को छह महीने में न्याय दिलाने के लिए ‘न्याय की गारंटी’ कानून बनाने की मांग भी की। उन्होंने ‘डिजिटल वोट’ कानून लागू करने का सुझाव देते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली के लिए जनता की रेटिंग व्यवस्था होनी चाहिए।

उनके अनुसार चपरासी से लेकर सचिव तक अधिकारियों के स्थानांतरण,पदोन्नति और निलंबन जैसे मामलों में जनता की डिजिटल रेटिंग को महत्व दिया जा सकता है।

ब्रह्मभट्ट ने ‘जनता सरकार’ नाम से देशव्यापी संगठन खड़ा करने की घोषणा की। इसमें विद्यार्थी, युवा, किसान, महिला और विभिन्न सामाजिक संगठनों को शामिल करने की बात कही गई। उन्होंने संगठन में 50 प्रतिशत जेन-जी युवाओं और 33 प्रतिशत महिलाओं को स्थान देने की बात कही। इसके लिए लोगों से सुझाव लेने और मिस्ड कॉल के माध्यम से जुड़ने की अपील भी की।

उन्होंने संगठन के पांच नारे—‘भारत माता की जय’, ‘इंकलाब जिंदाबाद’, ‘जय सरदार’, ‘जय भीम’ और ‘गुलामी अब बंद’—घोषित किए। ‘जय भीम’ को उन्होंने समानता का प्रतीक बताया और कहा कि उनका संगठन जाति व धर्म के बजाय कर्म को प्राथमिकता देगा।

सीजेपी नेता अभिजीत दुबे पर निशाना साधते हुए ब्रह्मभट्ट ने आरोप लगाया कि ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान में अलग-अलग राज्यों के स्कूलों को समान रूप से नहीं दिखाया जा रहा। उन्होंने पंजाब में लुधियाना के एआई लैब वाले स्कूल का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि अन्य राज्यों के जर्जर स्कूलों को क्यों नहीं दिखाया जाता है।

उन्होंने दुबे की टीम से आंदोलन में स्वयंसेवकों की राय नहीं लेने, मेरिट के मानदंड तय नहीं करने और सोनम वांगचुक की राय लिए बिना उनके चेहरे का इस्तेमाल करने को लेकर भी सवाल किए।

ब्रह्मभट्ट ने दावा किया कि आंदोलन से जुड़े स्वयंसेवकों और प्रदर्शनकारियों की उपेक्षा की गई तथा मीडिया के सवालों को भी टालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आंदोलन किसी एक व्यक्ति या पार्टी का नहीं, बल्कि देश के लोगों का था और इसकी दिशा तय करने में जनता की भागीदारी जरूरी है।