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अब फ्लाइट या चार्टर्ड प्लेन से सफर नहीं कर पाएंगे महाराष्ट्र के मंत्री, पीएम की अपील के बाद सीएम फडणवीस का एक्शन

By Vinod RathodEdited By: Swaraj Srivastava
Published: Tue, 12 May 2026 01:49 PM (GMT+05:30)

महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रियों के सरकारी या चार्टर्ड विमान के उपयोग पर मुख्यमंत्री की मंजूरी अनिवार्य कर दी है। यह ...और पढ़ें

केंद्र सरकार द्वारा खर्च नियंत्रण और ईंधन बचत पर जोर (फोटो: पीटीआई)

केंद्र सरकार द्वारा खर्च नियंत्रण और ईंधन बचत पर जोर (फोटो: पीटीआई)

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संक्षेप में पढ़ें

विनोद राठोड, मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस की मंजूरी के बिना अब महाराष्ट्र के किसी भी मंत्री को सरकारी विमान या चार्टर्ड विमान का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। केंद्र सरकार द्वारा खर्च नियंत्रण और ईंधन बचत पर जोर दिए जाने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने भी इस दिशा में कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, मंत्रियों की हवाई यात्राओं पर नियंत्रण रखने के लिए नई प्रशासनिक प्रक्रिया लागू की गई है। इसके तहत किसी भी मंत्री या वरिष्ठ अधिकारी को सरकारी विमान का उपयोग करना हो तो पहले मुख्यमंत्री कार्यालय से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री कार्यालय की मंजूरी मिलने के बाद ही विमान उपलब्ध कराया जाएगा।

पीएम मोदी की अपील के बाद तेज हुई कार्रवाई

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ईंधन बचत, सरकारी खर्च में कटौती और संसाधनों के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग की अपील की थी। इसके बाद विभिन्न राज्यों में सरकारी खर्चों पर नियंत्रण को लेकर चर्चाएं शुरू हुई थीं। माना जा रहा है कि महाराष्ट्र सरकार ने उसी दिशा में अमल शुरू कर दिया है।

अनावश्यक हवाई यात्राओं पर लगेगी रोक

सरकारी सूत्रों के अनुसार, कुछ मंत्री कम दूरी के लिए भी विमान का उपयोग कर रहे थे। इससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा था। अब केवल अत्यावश्यक और आधिकारिक कार्यों के लिए ही विमान उपयोग की अनुमति दी जाएगी।

खर्च नियंत्रण पर सरकार का फोकस

राज्य की आर्थिक स्थिति, बढ़ता राजस्व दबाव और विकास कार्यों के लिए आवश्यक निधि को देखते हुए सरकार खर्च नियंत्रण की नीति पर जोर दे रही है। सरकारी बैठकों, दौरों और यात्रा खर्चों में अनुशासन लाने के निर्देश भी विभिन्न विभागों को दिए गए हैं।

विपक्ष की प्रतिक्रिया संभव

सरकार के इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं। कुछ लोग इस निर्णय का स्वागत कर रहे हैं, जबकि विपक्ष की ओर से मंत्रियों के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका जताई जा सकती है।

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