महाराष्ट्र में कैब चलाने के लिए अब मराठी भाषा जरूरी, नियम तोड़ने पर रद हो सकता है परमिट
महाराष्ट्र सरकार ने कमर्शियल पैसेंजर ट्रांसपोर्ट ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा के नियमों को सख्त कर दिया है।

महाराष्ट्र में कैब चलाने के लिए अब मराठी भाषा जरूरी। (फाइल)
HighLights
कमर्शियल ड्राइवरों को मराठी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान होना आवश्यक।
नियमों के उल्लंघन पर तीन महीने तक ड्राइविंग ऑथराइजेशन सस्पेंड।
बार-बार नियम तोड़ने पर लाइसेंस या बैज हो सकता है रद्द।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने कमर्शियल पैसेंजर ट्रांसपोर्ट ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा के नियमों को और सख्त कर दिया है। बुधवार को 'महाराष्ट्र मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2026' में बड़े बदलाव किए गए, जिनमें कड़ी सजा का प्रावधान है। इसमें तीन महीने तक ड्राइविंग ऑथराइजेशन सस्पेंड करना और बार-बार नियम तोड़ने पर लाइसेंस या बैज रद करना शामिल है।
इन संशोधनों के तहत, यात्रियों को ले जाने वाले कमर्शियल वाहनों, जैसे- ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली ऐप-बेस्ड कैब के ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान होना जरूरी कर दिया गया है।
यह नियम परमिट धारकों पर भी लागू होगा, जिससे 15 अगस्त की डेडलाइन से पहले कमर्शियल पैसेंजर ट्रांसपोर्ट सेक्टर में मराठी भाषा में दक्षता सुनिश्चित करने के राज्य के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।
ड्राइवरों को मराठी भाषा का व्यवहारिक ज्ञान दिखाना होगा
सबसे अहम बदलाव इसे लागू करने के तरीके में किया गया है। नए जोड़े गए नियम 22(3A) के तहत, ऐप-बेस्ड मोटर कैब के अधिकृत ड्राइवरों को मराठी भाषा का व्यवहारिक ज्ञान दिखाना होगा। अगर किसी ड्राइवर में तय दक्षता की कमी पाई जाती है, तो लाइसेंसिंग अथॉरिटी लिखित में कारण दर्ज करने का बाद कार्रवाई शुरू कर सकती है।
बार-बार उल्लंघन करने पर ऑथराइजेशन हो सकता है रद
संशोधित नियमों के तहत, अधिकारियों को ड्राइवर के लाइसेंस पर संबंधित ऑथराइजेशन को तीन महीने कर सस्पेंड करने का अधिकर दिया गया है। सस्पेंशन की अवधि के बाद भी नियमों का पालन न करने या बार-बार उल्लंघन करने पर ऑथराइजेशन पूरी तरह रद किया जा सकता है।
ये संशोधन शरुआती स्तर पर भी मराठी भाषा की जरूरत को मजबूत करते हैं। 'महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989' के नियम 4 में बदलाव किया गया है, ताकि संबंधित ड्राइविंग ऑथराइजेशन चाहने वाले आवेदकों के लिए मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान एक जरूरी योग्यता बन जाए।
परमिट धारकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान होना जरूरी
यह जिम्मेदारी सिर्फ ड्राइवरों तक सीमित नहीं है। नियम 78 में संशोधन के तहत परमिट धारकों के लिए मराठी भाषा का व्यवहारिक ज्ञाना होना जरूरी है, जबकि नियम 85 इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली एप-बेस्ड मोटर कैब के परमिट को रिन्यू कराने के लिए मराठी भाषा में दक्षता को एक जरूरी शर्त बनाता है।
ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाइक ने कहा कि इन संशोधनों का मकसद मौजूदा सिस्टम में मौजूद उन कमियों को दूर करना है, जिनका फायदा उठाकर कुछ ड्राइवर भाषा संबंधी नियम का पालन करने से बच जाते थे।
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