मुंबई, प्रेट्र। Corona Crisis: कोरोना संक्रमण के कारण देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार कई उपाय कर रही है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भी राजभवन के खर्च में कटौती की घोषणा की है। इस क्रम में पूरे वित्तीय वर्ष तक न तो राजभवन के लिए नई कार खरीदी जाएगी, न ही अतिथियों को गुलदस्ते व उपहार दिए जाएंगे। इनके अलावा कई अन्य उपाय भी किए जाएंगे, जिनके जरिये राजभवन का खर्च 10-15 फीसद कम किया जा सकेगा।

राजभवन की तरफ से गुरुवार को जारी बयान के अनुसार, 'राज्यपाल ने आदेश दिया है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के दौरान कोई भी नया पूंजीगत कार्य शुरू नहीं किया जाएगा। इसके अलावा राजभवन में कोई नया निर्माण या मरम्मत का काम भी नहीं किया जाएगा। केवल उन्हीं कायरें को पूरा किया जाएगा जो प्रगति पर हैं।' कोश्यारी ने स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में राजभवन में दिए जाने वाले रिसेप्शन को भी रद करने का निर्देश दिया है। अगले आदेश तक राजभवन में नई नियुक्तियां भी रोक दी गई हैं। राजभवन के लिए नई कार की खरीद के प्रस्ताव को भी टाल दिया गया है। अगले आदेश तक अति महत्वपूर्ण अतिथियों के स्वागत के दौरान गुलदस्ता देने व विदाई के वक्त उपहार देने की परिपाटी भी फिलहाल स्थगित रहेगी। राजभवन के अतिथिगृह की साजसज्जा में फूलों और फलों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

राज्यपाल ने कुलपतियों और अन्य अधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया है, ताकि आने-जाने आदि में होने वाले खर्च में कमी आए।उल्लेखनीय है कि राज्यपाल कोश्यारी एक महीने का अपना वेतन पीएम केयर्स फंड को दान दे चुके हैं। उन्होंने एक साल तक इस फंड में हर महीने अपने वेतन का 30 फीसद दान करने का भी फैसला किया है।

मितव्ययता के ये उपाय बहुत छोटे हैं, लेकिन संसाधनों की बचत में बड़ा योगदान दे सकते हैं। इन संसाधनों का कोरोना संक्रमण के कारण पैदा हुई स्थितियों को झेल रहे लोगों की मदद में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

-भगत सिंह कोश्यारी, राज्यपाल (महाराष्ट्र)।

 

Posted By: Sachin Kumar Mishra

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