'प्रदर्शन में जा रहे आदिवासी छात्रों को हिरासत में लिया गया', महाराष्ट्र कांग्रेस ने फडणवीस सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
महाराष्ट्र कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मुंबई पुलिस ने आधी रात को उनके तिलक भवन कार्यालय में घुसकर नासिक के आदिवासी छात्रों और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
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कांग्रेस ने फडणवीस सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

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राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सोमवार आधी रात के बाद पुलिस ने मुंबई के दादर स्थित पार्टी मुख्यालय तिलक भवन में प्रवेश कर नासिक से आए आदिवासी छात्रों और एनएसयूआइ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने छात्रों और एनएसयूआइ पदाधिकारियों को तत्काल रिहा नहीं किए जाने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास 'वर्षा' का घेराव करने की चेतावनी दी है। हालांकि, मुंबई पुलिस ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है।
कांग्रेस ने छात्रों को हिरासत में लेने का लगाया आरोप
पुलिस उपायुक्त मनीष कलवानिया ने कहा कि तिलक भवन से किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के आवास लोक भवन की ओर मार्च करने का आह्वान किया था।
लोक भवन जाने की तैयारी कर रहे प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कांग्रेस के मुताबिक, आदिवासी छात्र पिछले 10 दिनों से छात्रवृत्ति, आश्रम स्कूलों और छात्रावासों में मूलभूत सुविधाओं समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
नासिक से पैदल और बसों के जरिए मुंबई पहुंचे छात्रों ने आजाद मैदान में प्रदर्शन की योजना बनाई थी और रात में तिलक भवन में रुके थे। सपकाल ने आरोप लगाया कि रात में पुलिसकर्मी कांग्रेस कार्यालय में घुसे, छात्रों को धमकाया और कुछ को हिरासत में ले लिया।
उन्होंने दावा किया कि एनएसयूआइ के प्रदेश अध्यक्ष सागर सालुंखे और युवा कांग्रेस के मुंबई प्रमुख को भी गिरफ्तार किया गया है । कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों को पुलिस कार्रवाई की धमकी दी गई और उन्हें लेकर आई बस को कब्जे में लिया गया।
कांग्रेस ने CM आवास घेराव की चेतावनी
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड़ ने सरकार पर सवाल उठाते हुए पूछा कि महाराष्ट्र में संवैधानिक शासन है या 'जंगल राज'। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनने के बजाय पुलिस कार्रवाई करना उचित नहीं है।
कांग्रेस ने आदिवासी विकास मंत्री और विभाग के आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों के आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया। जबकि पुलिस का कहना है कि कार्रवाई लोक भवन की ओर प्रस्तावित मार्च के मद्देनजर की गई है और तिलक भवन से गिरफ्तारी का दावा सही नहीं है।
