औरंगाबाद, प्रेट्र। Maharashtra CM Uddhav Thackeray. शिवसेना ने औरंगाबाद में पार्टी केसंस्थापक बाल ठाकरे के स्मारक के लिए एक हजार पेड़ काटे जाने की मीडिया रिपोर्ट के बाद अपनी सफाई दी है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने औरंगाबाद में प्रस्तावित स्मारक को बनाने में एक भी पेड़ नहीं काटने का मौखिक आदेश दिया है।

शिवसेना के वरिष्ठ नेता और औरंगाबाद के पूर्व सांसद चंद्रकांत खेर ने सोमवार को बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से रविवार की रात को ही मौखिक आदेश मिले हैं। ठाकरे ने कहा है कि स्मारक की इमारत बनाने के लिए एक भी पेड़ को हाथ न लगाया जाए और वहां मौजूद सभी पेड़ सलामत रखे जाएं।

परियोजना के लिए पेड़ों को काटे जाने की रिपोर्ट पर खेर ने कहा कि लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए ऐसी अफवाहें फैला रहे हैं। चूंकि वह शहर के सिडको क्षेत्र स्थित प्रियदर्शिनी गार्डन में बनने वाले स्मारक के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि सेना शासित औरंगाबाद मुनिसिपल कारपोरेशन (एएमसी) ने ना तो किसी टेंडर को अंतिम रूप दिया है और ना ही कोई वर्क ऑर्डर जारी किया है। खेर ने कहा कि ठाकरे के आदेश को नगर के मेयर तक पहुंचा दिया गया है। दिवंगत बाला साहेब ठाकरे और उद्धव ठाकरे पर्यावरण की बेहद परवाह करते हैं। शिवसेना ने कभी नहीं कहा कि वह स्मारक के लिए प्रियदर्शिनी गार्डन के पेड़ काट देगी।

इससे पूर्व दिन में एएमसी की कमेटी के सदस्य किशोर पाठक ने कहा कि पेड़ काटने से ना सिर्फ पब्लिक गार्डन को नुकसान पहुंचेगा बल्कि इससे अमूल्य प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचेगा। उनका कहना था कि एएमसी ने करीब 7500 पेड़ काटने की योजना बनाई है ताकि यहां एक परिसर में दुकानों, कैफेटेरिया और बच्चों का पार्क बनाया जा सके। औरंगाबाद के मेयर नंदकुमार घोडेले ने रविवार को ही कहा था कि उनका प्रशासन ठाकरे मेमोरियल के लिए पेड़ों को काटने की अनुमति नहीं देगा।

उल्लेखनीय है कि विगत रविवार को महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना को औरंगाबाद में पेड़ काटे जाने की तैयारी खबरों के बाद सोशल मीडिया में काफी ट्रोल किया गया था। प्रियदर्शिनी गार्डन में कम से कम 80 प्रकार के पक्षी पाए जाते हैं। जिसमें 52 प्रजातियां भारतीय हैं अन्य सभी विदेशी पक्षी हैं। यहां 35 प्रकार की तितलियां और सात प्रकार के सांप और 80 प्रकार के कीट-पतंगे प्रवास करते हैं। यह स्थान अब भी वन्य जीवों का घर है और प्रचुर ऑक्सीजन का स्रोत है।

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Posted By: Sachin Mishra

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