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महाराष्ट्र मुख्य निर्वाचन अधिकारी का चुनाव आयोग को पत्र, SIR प्रक्रिया में हटे मतदाताओं के लिए फॉर्म 6 में बदलाव की मांग

Published: Sun, 18 Oct 2026 03:49 PM (IST)

महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव आयोग को फॉर्म 6 में बदलाव का प्रस्ताव भेजा है। इसका उद्देश्य SIR ...और पढ़ें

फॉर्म 6 में बदलाव का प्रस्ताव

फॉर्म 6 में बदलाव का प्रस्ताव

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डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भारत निर्वाचन आयोग को फॉर्म 6 के प्रारूप में तीन प्रमुख संशोधन करने का प्रस्ताव भेजा है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में आसानी से पुन: शामिल होने की सुविधा प्रदान करना है, जिनके नाम SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची की सफाई के समय सूची से हटा दिए गए थे।

फॉर्म 6 से जुड़ी व्यावहारिक समस्या

वर्तमान व्यवस्था के तहत, फॉर्म 6 का इस्तेमाल मुख्य रूप से उन नागरिकों द्वारा किया जाता है जो पहली बार मतदाता के रूप में अपना पंजीकरण कराना चाहते हैं। हालांकि, ECI ने उन मतदाताओं को भी फिर से सूची में जुड़ने के लिए इसी फॉर्म का उपयोग करने का निर्देश दिया था जिनके नाम SIR प्रक्रिया के दौरान हटा दिए गए थे।

इस निर्देश के कारण एक गंभीर व्यावहारिक और कानूनी संकट पैदा हो गया। फॉर्म 6 में आवेदकों को यह घोषणा करनी पड़ती है कि वे पहली बार पंजीकरण करा रहे हैं। जिन मतदाताओं के नाम पहले से मतदाता सूची में दर्ज थे, वे इस फॉर्म को भरने में हिचकिचा रहे हैं। उन्हें डर है कि खुद को पहली बार पंजीकरण कराने वाला बताना गलत बयानबाज़ी माना जाएगा।

जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के अनुसार, मतदाता सूची के संबंध में जानबूझकर झूठी या गलत घोषणा करना एक दंडनीय अपराध है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर एक साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।

इसी कानूनी दंड के डर से चुनाव अधिकारियों को पूर्व-पंजीकृत मतदाताओं को पुन: आवेदन करने के लिए सहमत करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

फॉर्म 6 में यह बदलाव करने की मांग

इस कानूनी उलझन को दूर करने के लिए महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ECI से फॉर्म 6 में तीन बदलाव करने की सिफारिश की है।

शीर्षक में बदलाव: 'फॉर्म 6' के शीर्षक से नए मतदाता शब्द को पूरी तरह हटा दिया जाए।

अलग घोषणा का विकल्प: उन आवेदकों के लिए एक अलग और स्पष्ट घोषणा का विकल्प जोड़ा जाए जो पहले किसी विधानसभा क्षेत्र में पंजीकृत थे, लेकिन वर्तमान में किसी भी सूची में शामिल नहीं हैं और फिर से पंजीकरण कराना चाहते हैं।

पुराना EPIC नंबर दर्ज करने की अनुमति: आवेदकों को अपना पुराना 'इलेक्टर फोटो आइडेंटिटी कार्ड' (EPIC) नंबर दर्ज करने की सुविधा दी जाए, जिससे चुनाव अधिकारी उनके पुराने रिकॉर्ड का आसानी से पता लगा सकें।

ECI की मंजूरी अभी बाकी

इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य पहली बार आवेदन करने वाले नए नागरिकों और उन पात्र मतदाताओं के बीच अंतर स्पष्ट करना है जिनके नाम प्रक्रिया के दौरान हट गए थे। यह प्रस्ताव अभी ECI के विचाराधीन है और इसे आधिकारिक तौर पर लागू नहीं किया गया है।

यह मामला महाराष्ट्र में चल रही SIR प्रक्रिया के दृष्टिकोण से महत्त्वपूर्ण है। राज्य में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 26 अक्टूबर तय की गई है, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 16 नवंबर को होना है। ऐसे में अगर ECI इस प्रस्ताव को आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक मंजूरियां दे देता है, तो हजारों प्रभावित मतदाताओं के लिए प्रक्रिया बेहद सरल और स्पष्ट हो जाएगी।