महाराष्ट्र: लातूर में रिश्वत के मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, सब-रजिस्ट्रार समेत तीन को सुनाई 2 साल की सजा
महाराष्ट्र के लातूर में जमीन से जुड़े रिश्वत मामले में पूर्व सब-रजिस्ट्रार, जूनियर क्लर्क और एक स्टैंप वेंडर को कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई है।

रिश्वत मामले में पूर्व सब-रजिस्ट्रार समेत तीन को दो साल की जेल
HighLights
पूर्व सब-रजिस्ट्रार समेत तीन को दो साल की सजा।
जमीन दस्तावेज के लिए 25 हजार की रिश्वत ली थी।
अदालत ने 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र के लातूर में जमीन से जुड़े एक मामले में 25 हजार की रिश्वत लेने के आरोप में पूर्व सब-रजिस्ट्रार, जूनियर क्लर्क और एक प्राइवेट स्टैमंप वेंडर को कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई है।
7 सितंबर को सुनाए गए फैसले में अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायालय ने तीनों दोषियो पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
दस्तावेज सौंपने के बदले मांगी थी रिश्वत
अभियोजन पक्ष के अनुसार, औसा तहसील के शिंडाला गांव में एक निवासी ने जनवरी 2015 में संयुक्त रूप से कृषि भूमि की खरीद का रजिस्ट्रेशन कराया था। हालांकि, स्टैम्प ड्यूटी का पूरा भुगतान कर दिया गया था, लेकिन सब-रजिस्ट्रार अशोक पोमाजी बोरावके (47) ने ओरिजिनल रजिस्टर्ड दस्तावेज सौंपने के लिए 25 हजार रुपये की मांग की।
इसके बाद बोरावके ने जूनियर क्लर्क राजेंद्रकुमार नानाराव पाटिल (40) और प्राइवेट स्टैम्प वेंडर नितिन लक्ष्मीकांतराव अपसिंगेकर (45) के ज़रिए यह रकम हासिल की।
शिकायत मिलने के बाद जांच की गई और तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। कोर्ट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत तीनों को दोषी ठहराया।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
