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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 18, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Maharashtra: राउत के बयान पर शिवसेना का किनारा, आदित्य बोले इतिहास पर वर्तमान में न हो चर्चा

By Babita kashyapEdited By:
Published: Sat, 18 Jan 2020 03:00 PM (IST)

शिवसेना नेता संजय राउत के बयान पर आदित्य ठाकरे ने दी प्रतिक्रिया कहा इतिहास पर नहीं वर्तमान मुददों पर चर्चा करनी चाहिए।

Maharashtra: राउत के बयान पर शिवसेना का किनारा, आदित्य बोले इतिहास पर वर्तमान में न हो चर्चा
Maharashtra: राउत के बयान पर शिवसेना का किनारा, आदित्य बोले इतिहास पर वर्तमान में न हो चर्चा

मुंबई, एएनआइ। शिवसेना नेता संजय राउत (Sanjay Raut) के बयान पर आदित्य ठाकरे (Aaditya Thackeray) ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये उनका निजी बयान है। कुछ मुद्दों पर हमारे अलग-अलग विचार हो सकते हैं लेकिन यही लोकतंत्र है। आदित्य ने कहा कि इतिहास पर नहीं हमें वर्तमान मुददों पर चर्चा करनी चाहिए। आदित्य ने शिवसेना-कांग्रेस गठबंधन को मजबूत बताते हुए कहा कि महाराष्ट्र के विकास के लिए हम साथ हैं।

गौरतलब है कि शनिवार को शिवसेना नेता संजय राउत ने वीर सावरकर को भारत रत्न देने पर कांग्रेस के विरोध पर बयान दिया था जिससे शिवसेना और कांग्रेस में टकराव की स्थिति  उत्पन्ना हो गई है। संजय राउत ने कहा है कि जो वीर सावरकर को भारत देने का विरोध कर रहे हैं उन्हें एक बार अंडमान निकोबार की सेलुलर जेल में डाल देना चाहिये जिससे उन्हें वीर सावरकर के बयान का अहसास हो सके। 

 कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने बयान दिया था कि मोदी सरकार अगर वीर सावरकर को 'भारत रत्न' से सम्मानित करेगी तो कांग्रेस इसका विरोध करेगी। बता दें कि कुछ दिन पहले राहुल गांधी के वीर सावरकर पर दिये बयाने के बाद से शिवसेना और कांग्रेस में टकराव की स्थिति पैदा हो गयी है।  

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वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण का कहना था कि अंग्रेजों से माफी मांगने वाली बाते को नकारा नह ींजा सकता है। अगर मोदी सरकार उन्हें भारत रत्न देगी तो कांग्रेस इसका विरोध करेगी। माना कि वीर सावरकर की कुछ बातें अच्छी हैं लेकिन कुछ बातें खराब भी हैं। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पूर्व ही भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के घोषणा पत्र में वीर सावरकर को 'भारत रत्न' देने का वादा किया गया था।  

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